छत्तीसगढ़

बिलासपुर में मना संतश्री गजानन महाराज का प्रकटोत्सव.. "असा माझा योगिराज" का जीवंत चित्रण भी

बिलासपुर। रेलवे महाराष्ट्र मंडल बिलासपुर द्वारा संत श्री गजानन महाराज की प्रकटोत्सव 3 मार्च को धूमधाम से मनाया गया। 48 साल पहले प्रभा वेलुस्कर ने सर्वप्रथम सार्वजनिक रुप से मंडल में उस उत्सव की शुरूआत की था। उत्सव का यह 49वां वर्ष था। प्रकटोत्सव की शुरूआत सुबह 6.30 बजे हुई। पंडित श्याम भेदी के मार्ग दर्शन में तुषार पानसे और प्रीति पानसे के करकमलों से श्री गजानन महाराज जी कि नई मुर्ति की प्राणप्रतिष्ठा और अभिषेक संपन्न हुआ।  ततपश्चात सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक श्री गजानन विजय ग्रंथ का 11 बार क्रम बद्ध परायण किया गया।

उत्सव के दौरान "असा माझा योगिराज"इस जीवंत चरित्र चित्रण कि प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति में कलाकारों के साथ ही आधुनिक डिजीटल साऊंड रेकार्डिंग और प्रोजेक्टर का इस्तेमाल किया गया। संतश्री गजानन महाराज कि भूमिका सुर्यांशु काळे ने निभाई तथा ध्वनि अविनाश गोरे ने दी। चंदू कि भूमिका कल्पना कायरकर, ध्वनि नारायण जोशी ने दी। काकाजी कि भूमिका स्वाती जोगळेकर ने तथा ध्वनि नीरज जोशी ने दी। दामोदरपंत कि भूमिका स्नेहल नानोटी तथा ध्वनि सुनिल चिपडे की थी। भास्कर की भूमिका शिल्पा काळे तथा ध्वनि अनिल कायरकर की थी। बंकटलाल कि भूमिका प्राची महादेवकर ने निभाई तथा ध्वनि सुमीत ढोमणे की थी। नाटक का निर्दशन शुभांगी शेखर मोने ने किया और सहायकमैत्रैयी पिंपळीकर , वंदना जोशी जी और मंजिरी शास्त्री जी ने किया। एडिटिंग का जिम्मा प्रतिक शेखर मोने ने पूरा किया। मंच व्यवस्था महेश जोशी, वैभव जोशी एवं अनिल कायरकर ने संभाला।

"असा माझा योगिराज" में गंगाभारती कि भूमिका ऋचा लुखे ने निभाई तथा ध्वनि विनोद जोशी की थी। हरि पाटिल कि भूमिका प्रीति पानसे ने निभाई तथा ध्वनी महेश जोशी की थी। भगिनी की भूमिका माधवी पागे, भक्त कि भूमिका स्नेहा जोशी और शुभांगी काळे ने निभाई। पाटिल कि भूमिका में अनिकेत कायरकर, पार्थ खेडकर, प्राण मोरे , प्रसुन काळे, पियुष जोशी, अमेय कायरकर और संस्कृति जोशी ने निभाई। बाळाभाऊ कि भूमिका समृद्धि नानोटी ने निभाई।

कार्यक्रम में समीक्षा लोणकर, सारिका जोशी, वैदेही खोटपाल,.सीमा जोगळेकर ,मंदा शेवालकर, प्रिती पानसे , उज्ज्वला केतकर, , सुनंदा तिजारे ने पालखी के सेवेदार का किरदार निभाया। शंख ध्वनि.संपदा हळवे के द्वारा किया गया । तथा औक्षवण के लिए ड़ा. जिज्ञासा कर्डेकर और राखी खेडकर उपस्थित थी ।

साऊंड व्यवस्था प्रकाश बावरे और नीरज जोशी कि व्यवस्था में निभाई गई  ।बैठक व्यवस्था स्वाती जोशी देखील। इस के बाद दोपहर में 12:00 बजे महाराज कि आरती कि गई व महाप्रसाद जिसमें भाजी भाकरी का वितरण किया गया। इस पूरे उत्सव में मंडल के वरिष्ठ सदस्य और सभी सभासद उपस्थित थे। इस पूरे कार्यक्रम में सभी सदस्यों ने अपना पुरा सहयोग दिया और इस उत्सव को आनंदपुर्वक मनाया ।