*अपडेट रहने से ही तरक्की संभव: काले*
2026-08-29 10:19 PM
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- महाराष्ट्र मंडल की वर्कशाप में अध्यक्ष सहित तमाम पदाधिकारियों ने कार्यक्षमता बढ़ाने के दिए अहम टिप्स
रायपुर। अपने कार्यों को अपडेट किए बिना न तो आपकी तरक्की हो सकती है, न ही आपकी संस्था की। यदि अपने आपको को अपनी संस्था के लिए महत्वपूर्ण बनाए रखना है और कैरियर के दृष्टिकोण से अपनी संभावनाओं को भी प्रबल रखना है, तो आपको हमेशा अपने तय कार्यों को और भी बेहतर तरीके से करने और नए- नए कार्यों को सीखने के लिए जिज्ञासु होना पड़ेगा। महाराष्ट्र मंडल के सभी प्रकल्पों के सौ से अधिक कर्मचारियों- शिक्षक स्टाफ की कार्यशाला में इस आशय के विचार मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा।
काले ने कहा कि जब हम अपने कार्यस्थल को मेरी संस्था, मेरा विद्यालय मानने लगेंगे, तो हमें वहां समस्या के साथ उसका समाधान भी नजर आने लगेगा। इससे हमारा काम प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारा कार्यस्थल जब हमें अपना लगने लगेगा तो स्वाभाविक है कि हम ‘ये मेरा काम- वो तेरा काम’ की मानसिकता से भी ऊपर उठ जाएंगे। स्टार्टअप कैरियर काउंसलर प्रसन्न निमोणकर ने एटीट्यूड और बिहेवियर पर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एटीट्यूड को घमंड के रूप में लेना गलत है और यह किसी शब्दकोष में लिखा भी नहीं है। अच्छे बिहेवियर से आपके आगे बढ़ने की संभावना भी बढ़ती है। इस मौके पर वरिष्ठ रंगसाधक अनिल कालेले ने कम्यूनिकेशन स्कील पर बेहद सारगर्भित संबोधन किया।
मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने वर्किंग कल्चर और अपडेट विषय पर जीवन बीमा निगम में अपनी 37 वर्षों की नौकरी का अनुभव साझा करते हुए कहा कि बार-बार ऐसी स्थितियां- परिस्थितियां बनते रहती हैं, जब आपको अपने निर्धारित कार्यों से अलग, कार्यालय से बाहर फील्ड में काम करना पड़ता है, अपनी संस्था का प्रतिनिधित्व करना पड़ता है। यह कार्य आपको स्वस्फूर्त और पूरे जोश के साथ करना चाहिए। काम के दौरान बहुत सी गलतियां होती हैं और अधिक व्यस्तता के कारण बहुत से काम भी छूट जाते हैं, तो आपको विभागाध्यक्ष के साथ कार्यों का यथोचित बंटवारा कर गलतियों को खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए। संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने वर्कशॉप में ड्यूटी में अनुशासन के महत्व पर बिंदुवार जानकारी दी और बताया कि यह आपके टोटल परफार्मेंस को किस तरह अपग्रेड करता है।
सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि जब भी आप करें, तो पूरी जवाबदेही से करें। हर सफलता के लिए कोई जिम्मेदार होता है, तो किसी विफलता, गड़बड़ी या सेवा में कमी का भी तो कोई न कोई जिम्मेदार है। यदि हम मन लगाकर काम करें, जवाबदेही से काम करें तो भविष्य में वो गलती नहीं होगी। अगर हम ड्यूटी निपटाकर घर जाने की जल्दबाजी में हैं, तो हमारे काम में क्वालिटी नहीं आ सकती और काम समय पर हो भी नहीं सकता। प्रबल इच्छाशक्ति के साथ टीमवर्क से काम करें, तो हमारे काम स्कूल के बच्चों के अभिभावकों, मेस के ग्राहकों व सभासदों को पसंद आएगा और उसका प्रतिसाद हमें भी मिलेगा।
सुबोध टोले ने कहा कि संस्था में अपनी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए और उसमें आपके कार्यों में निरंतर गुणवत्ता बनी रहनी चाहिए। आपके परिणाममूलक कार्यों की निरंतरता ही संस्था में आपको विश्वसनीय बनाएगी। आपके कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही से ही संस्था में आपका प्रभाव बढ़ेगा। अपने कार्यों की समीक्षा करने पर ही आप अपने कार्य में सुधार करेंगे। महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने मंडल टीम से कहा कि समय के साथ आपके कार्यों में बदलाव जरूरी है। संस्था की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए ड्यूटी के अलावा एक- दूसरे के साथ सहयोग करना चाहिए। संस्था में आपका अनुशासन और अच्छा व्यवहार बाहरी लोगों को भी प्रभावित करता है। वर्कशाप की शुरुआत सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने टारगेट बेस्ड वर्किंग सिस्टम विषय पर मागदर्शन करने के साथ की।अंत में मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने आभार व्यक्त किया।