महाराष्ट्र मंडल की साहित्यिक समिति हर दो माह में करेगी कार्यक्रम
2026-08-31 06:45 PM
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0- गणेशोत्सव में 16 सितंबर को ‘जेन-जी और संस्कार’ विषय पर नागरिक संवाद में आएंगे विशेषज्ञ वक्ता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की साहित्य समिति को अब औपचारिक कार्यक्रम से ऊपर उठकर एक्सट्रा ऑर्डनरी कार्यक्रम आयोजित कर अपनी पहचान बनाने की जरूरत है। मंडल के सभासदों के बीच भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कर उन्हें भी अपनी समिति के कार्यक्रमों में शामिल करने की जरूरत है। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने इस आशय के विचार नवगठित साहित्य समिति की प्रथम बैठक के दौरान व्यक्त किए।
काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के 91 साल के गौरवशाली इतिहास में एक से एक विभूतियां हुईं हैं, जिन्होंने समाज, संगठन के साथ मंडल के भवन निर्माण में अपना कैरियर दांव पर लगाकर काम किया। साहित्य समिति की संगोष्ठियों और लेखों के माध्यम से टीएम घाटे, वायजी जोगलेकर, रामचंद्र कालेले, एमबी चौरपगार जैसी अनेक विभूतियों को याद किया जाना चाहिए, ताकि हमारी वर्तमान व भावी पीढ़ियों को महाराष्ट्र मंडल और समाज के लिए नि:स्वार्थ भाव से काम करने की प्रेरणा मिले। साथ ही नए समाजसेवियों को मंडल से जोड़ने का आधार भी बने।
साहित्य समिति की समन्वयक कुमुद लाड ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के 14 सितंबर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव में बुधवार, 16 सितंबर को नागरिक संवाद का आयोजन किया गया है। पहली बार इस आयोजन में परिवार परामर्श समिति की भी सहभागिता होगी। नागरिक संवाद का विषय ‘जेन-जी और संस्कार’ सुनिश्चित किया गया है। इसी तरह अगले ही दिन 17 सितंबर को नगर स्तरीय शालेय विद्यार्थियों के लिए वाद विवाद, सुलेख, चित्रकला और निबंध स्पर्धा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसमें भी साहित्य समिति की प्रमुख सहभागिता रहेगी।
लाड के अनुसार अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि साहित्यिक समिति को प्रत्येक दो महीने में साहित्यिक कार्यक्रम... जैसे परिचर्चा, संगोष्ठी, कविता पाठ- कहानी पठन करने का सुझाव दिया है। जिससे साहित्य से जुड़े हमारे सभासद भी समिति से जुड़े और महाराष्ट्र मंडल में उनकी गतिविधियां बढे़। साथ ही मंडल की साहित्य समिति की पहचान रायपुर में भी स्थापित हो। इसी तरह दिव्य महाराष्ट्र मंडल न्यूज पोर्टल में मंडल के लिए अभूतपूर्व योगदान देने वाले पूर्व पदाधिकारियों, मराठी लेखकों, डॉक्टर्स, संगीतज्ञ, रंगमंचीय कलाकरों, सभासदों और समाजसेवियों की पूरी जानकारी, उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय व प्रेरक काम साहित्य समिति की ओर से दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान देने वाले क्रांतिवीरों को भी दिव्य महाराष्ट्र मंडल के माध्यम से स्मरण किया जाना चाहिए। इस मौके पर साहित्य समिति के प्रमुख अभय भागवतकर, वरिष्ठ पत्रकार शशांक खरे, अनुजा महाडिक, अंजलि खेर, विलास साखरे सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।