सरकारी कर्मचारियों की पेंशन पर कमेटी गठित... नई—पुरानी पेंशन योजना पर मचा है बवाल... अब समाधान का प्रयास
2023-04-07 01:15 PM
447
बीते कुछ समय से देश में पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को फिर से बहाल करने की मांग ने जोर पकड़ा है। गैर-भाजपा शासित राज्यों की सरकारों ने इसे केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाया है। लिहाजा अब केंद्र सरकार ने इसको लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नई पेंशन स्कीम (NPS) के रिव्यू के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी का नेतृत्व वित्त सचिव टीवी सोमनाथन करेंगे। कमेटी सरकार को सुझाव देगी कि क्या मौजूदा पेंशन सिस्टम में किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत है या नहीं। 24 मार्च को संसद में फाइनेंस बिल पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई पेंशन स्कीम के रिव्यू के लिए कमेटी बनाने का ऐलान किया था।
इन राज्यों ने किया दावा
राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमचाल प्रदेश की राज्य सरकारों ने पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने के अपने फैसले के बारे में केंद्र सरकार को सूचित किया है। साथ ही एनपीएस के तहत जमा फंड को वापस करने का अनुरोध किया है। हालांकि, केंद्र सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने के पक्ष में नजर नहीं आई है, लेकिन अब उसने नई पेंशन व्यवस्था के रिव्यू के लिए कमेटी बनाई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने से सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा और आगे चलकर ये मुसीबत खड़ी कर सकता है।
पुरानी पेंशन योजना
देश में एक जनवरी 2004 से NPS यानी नई पेंशन स्कीम लागू है। पुरानी पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारी के वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती है। क्योंकि पुरानी स्कीम में पेंशन का निर्धारण सरकारी कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी और महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार होता है। इसके अलावा पुरानी पेंशन स्कीम में पेंशन के लिए कर्मचारियों के वेतन से कोई पैसा कटने का प्रावधान नहीं है। पुरानी पेंशन योजना में भुगतान सरकार की ट्रेजरी के माध्यम से होता है।
नई पेंशन योजना
नई पेंशन स्कीम (NPS) का निर्धारण कुल जमा राशि और निवेश पर आए रिटर्न के अनुसार होता है। इसमें कर्मचारी का योगदान उसकी बेसिक सैलरी और DA का 10 फीसदी कर्मचारियों को प्राप्त होता है। इतना ही योगदान राज्य सरकार भी देती है। एक मई 2009 से एनपीएस स्कीम सभी के लिए लागू की गई।