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वर्षा महोत्सव में दिखी अंबोली व भंडारदरा की खूबसूरती.... कई राज्यों से जुटे लोग

रायपुर। महाराष्ट्र टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित वर्षा महोत्सव में कई राज्यों से कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ भंडारदरा और अंबोली हिल स्टेशन में जुटे। सभी ने यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को देखा और जाना। पहला ऐसा महोत्सव था जिसे डेकोरेट करने की जरूरत नहीं पड़ी इसकी नैसर्गिक सुंदरता इतनी खूबसूरत थी कि सभी लोगों का मनमोह लिया। हिंदुस्तान के टूरिज्म नक्शे पर दोनों ही जगह बड़ा नेचुरल हब है। पर्यटकों को इस खूबसूरत डेस्टिनेशन में एक बार अवश्य ही कुछ दिन बिताना चाहिए।
 
महोत्सव के चीफ कोआर्डिनेटर संजय नाईक कमांड कर रहे थे। टीम पहले नासिक, पुणे, मुंबई होकर अलग-अलग जगहों से भंडारदरा पहुंची। यह पहला पड़ाव था। बताया गया कि मानूसनी सीजन में यहां की खूबसूरती पर चार चांद लग जाता है। टूर के दौरान प्राचीनतम अमृतेश्वर मंदिर के अलावा और भी पुरातत्विक जगहों के बारे में जानकारी दी गई। स्थानीय आदिवासी कलाकारों के नृत्य ने समाबांध दिया था। महाराष्ट्र टूरिज्म बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर सुशील पवार ने बताया कि भंडारदरा में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए यह महोत्सव आयोजित किया गया है जिसमें आप सभी का सहयोग अपेक्षित है।
 
दूसरे पड़ाव में टीम अंबोली पहुंची जहां घने मानसूनी बादलों व धुंध की बीच रोमांचित करता सफर वाकई यादों में संजोने लायक था। महोत्सव के दौरान स्थानीय वन उत्पादों व टूरिज्म से संबंधित जानकारी से टीम को अवगत कराने एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। ग्राम पंचायत अंबोली की महिला सरपंच सावित्री वामन पालेकर के आतिथ्य में महोत्सव को लेकर प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। उप संचालक कोंकण विभाग श्री हनुमंत हेडे ने महोत्सव के संदर्भ में प्रकाश डाला। सैंकड़ों वनौषधि व जीव जंतु को लेकर विभागीय अधिकारियों ने एक प्रेजेंटेशन भी दिया। बताया गया कि अंबोली हनी जो कि पूरी तरह से नेचुरल तरीके से संग्रहित किया जाता है। देश विदेश में एक प्रसिद्ध ब्रांड नेम है। सदस्यों को कुछ आर्गेनिक पैदावार के बारे में जानकारी प्रदान करने स्पाट विजिट कराया गया। टूरिज्म विभाग की इवेंट व मार्केटिंग मैनेजर प्रीति पवार पूरे समय सदस्यों को कोआर्डिनेट कर रही थीं। देर शाम अंबोली में आयोजित कार्यक्रम में सभी ने अपना अनुभव साझा किया 
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