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नाइट्रोजन सुंघाकर मृत्युदंड.... अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला

डेस्क। अमेरिका के अलबामा में 25 जनवरी 2024 को नाइट्रोजन हाइपोक्सिया का उपयोग करके 58 वर्षीय केनेथ स्मिथ को मौत की सजा दी गई। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार था कि नाइट्रोजन हाइपोक्सिया से सजा दी गई है। बताया जा रहा है कि नाइट्रोजन गैस शुरू होने के बाद स्मिथ कई मिनट तक होश में थे। इसके बाद वह अगले कुछ मिनटों तक जोर-जोर से सांस लेने से पहले कम से कम दो मिनट तक 'हिलता और छटपटाता रहा। इसके बाद उसकी मौत हो गई।

दुनिया के करीब 97 देशों ने मौत की सजा को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। ऐसे में सवाल है कि दुनिया के बाकी देश इससे सबक क्यों नहीं लेते। कभी गैस सुंघाकर, कभी गोली मारकर तो कभी सिर कलम कर सजा दी जाती है। हैरान करने वाली बात है कि मौत की सजा देने के नए-नए तरीके इजाद करते समय यह तर्क दिया जाता है कि इससे मौत के दौरान होने वाले दर्द को कम किया जाएगा। हालांकि, इस मामले में ऐसा तो बिल्कुल ही नहीं दिखा। क्या ऐसा नहीं हो सकता कि दुनिया के देश मौत की सजा देने के तरीके पर एकजुट हो सकें।

अमेरिका में के अलग-अलग राज्यों में मौत की सजा के 5 तरीके के हैं। अमेरिका में जहरीले इंजेक्शन, जहरीली गैस के साथ ही करंट लगाकर भी मौत की सजा दी जाती है। अलबामा, अरिजोना, अरकनसास, फ्लोरिडा, केंटकी, ओकलाहोमा, साउथ कौरोलीना, टेनेसी में जहरीले इंजेक्शन के प्राइमरी विकल्प होने के साथ ही करंट लगाकर सजा दूसरा विकल्प है। वहीं, अलबामा, कैलिफोर्निया, मिसिसिपी, मिसौरी, ओकलाहोमा, व्योमिंग जैसे स्टेट में मौत की सजा का मुख्य तरीका जहरीला इंजेक्शन है। हालांकि, इन राज्यों में बैकअप के रूप में तीसरा विकल्प जहरीली गैस से भी सजा का भी है। इसके अलावा अमेरिका में फांसी और गोलीमारने का भी विकल्प है। अमेरिका में करीब 90 फीसदी मौत की सजा जहरीले इंजेक्शन के जरिये दी जाती है। इसके बाद करंट दूसरा विकल्प है जिसका प्रयोग अधिक होता है।

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