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छोटे शहरों से भी दौड़ेगी वंदेभारत स्लीपर: 260 रेक के मेगा प्लान से बदलेगा लंबी दूरी का सफर

नई दिल्ली| भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की यात्रा को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। अब वो दिन दूर नहीं जब छोटे शहरों से भी वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें चलेंगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में ऐलान किया कि रेलवे कुल 260 स्लीपर रेक बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यह कदम न केवल बड़े महानगरों बल्कि छोटे कस्बों और शहरों को भी आधुनिक रेल सुविधा से जोड़ देगा।
 
रेल मंत्री का सीक्रेट प्लान
लोकसभा में पेश किए गए इस प्लान ने यात्रियों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है। वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे ने वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों के लिए विस्तृत रणनीति तैयार कर ली है। इन ट्रेनों का उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाना है।
 
विकास की प्रक्रिया और साझेदारी
वंदेभारत स्लीपर का विकास चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। पहले प्रोटोटाइप तैयार किया गया, फिर उसका परीक्षण और ट्रायल किया गया। इसके बाद बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया गया है। इस काम में बीईएमएल और चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री मिलकर काम कर रही हैं। साथ ही कई टेक्नोलॉजी पार्टनर भी इस परियोजना से जुड़े हैं। अभी तक दो स्लीपर रेक तैयार हो चुके हैं, जो हावड़ा-कामाख्या रूट पर चल रहे हैं। धीरे-धीरे यात्रियों की जरूरत और तैयारियों के हिसाब से बाकी ट्रेनें भी सेवा में लाई जाएंगी।
 
छोटे शहरों तक पहुंच
रेलवे का लक्ष्य है कि इतनी बड़ी संख्या में रेक तैयार होने के बाद छोटे शहरों से भी वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जा सकें। इससे उन यात्रियों को फायदा होगा जो अब तक लंबी दूरी की यात्रा के लिए सीमित विकल्पों पर निर्भर थे।
 
आधुनिक सुरक्षा और आराम की सुविधाएं
इन ट्रेनों में कई खास फीचर्स जोड़े गए हैं। झटका-रहित सेमी-पर्मानेंट कपलर और एंटी-क्लाइंबर से यात्रा और सुरक्षित होगी। कवच सिस्टम से ट्रेनें टकराव से बचेंगी। इनकी डिजाइन स्पीड 180 किमी/घंटा है, जबकि ऑपरेटिंग स्पीड 160 किमी/घंटा रखी गई है।
 
यूरोपीय मानकों पर बनी बॉडी
ट्रेन की बॉडी क्रैशवर्थी है और यूरोपीय ईएन स्टैंडर्ड पर तैयार की गई है। हर कोच में फायर बैरियर दरवाजे लगाए गए हैं। इलेक्ट्रिकल कैबिनेट और शौचालय में एयरोसॉल आधारित आग का पता लगाने और बुझाने वाला सिस्टम मौजूद है।
 
ऊर्जा बचत और स्वच्छ हवा
रिजनरेटिव ब्रेकिंग से बिजली की बचत होगी। वहीं एसी में यूवी-सी लैंप लगाए गए हैं, जो हवा को 99% बैक्टीरिया-मुक्त करते हैं। इससे यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
 
यात्रियों की सुविधा पर खास ध्यान
ऑटोमैटिक प्लग दरवाजे और चौड़े गैंगवे से आवाजाही आसान होगी। सभी कोच में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इमरजेंसी में यात्री सीधे ट्रेन मैनेजर या लोको पायलट से बात कर सकेंगे। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय बनाए गए हैं।
 
तकनीकी निगरानी और आरामदायक डिजाइन
कोच की कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम से ट्रेन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए आरामदायक सीढ़ियां दी गई हैं। इन सभी सुविधाओं के साथ वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें अपने आप में अनूठी और आधुनिक हैं।
 
भारतीय रेलवे का यह कदम छोटे शहरों के यात्रियों के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें न केवल यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाएंगी, बल्कि देश के रेल नेटवर्क को नई ऊंचाई देंगी। यह योजना भारतीय रेलवे की दूरदर्शिता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। 
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