देश-विदेश

विज्ञान सचिवों की बैठक में अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के संचालन की केंद्रीय मंत्री ने की सराहना

नईदिल्ली। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में विभिन्न विज्ञान मंत्रालयों और विभागों की मासिक संयुक्त बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने अन्य एजेंडा विषयों के अलावा छात्रों को अपने कौशल और नवाचार के प्रयासों को तेज करने के लिए पिछले महीने आयोजित स्पेस हैकथॉन की समीक्षा की।

भू-स्थानिक भवन पोर्टल से संबंधित तकनीकी मुद्दों, जैसे अंतरिक्ष से संबंधित चुनौतियों, पर 30 घंटे का हैकथॉन पिछले महीने 17 से 20 जनवरी 2024 तक डीबीटीटीएचएसटीआई, फरीदाबाद में भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव - 2023 (आईआईएसएफ-2023) के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था।

अपनी तरह के पहले अंतरिक्ष (स्पेस)  हैकथॉन के लिए मिली व्यापक  प्रतिक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने इस तथ्य की सराहना की कि एक महीने की अवधि में 4,000 से अधिक टीमों को पंजीकृत किया गया था। फ़रीदाबाद में इसके ग्रैंड फिनाले के लिए 57 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया गया था।

विभिन्न विज्ञान मंत्रालयों और विभागों की उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक में विज्ञान और प्रौद्योगिकी (डीएसटी), जैव प्रौद्योगिकी (डीबीटी) , वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), पृथ्वी विज्ञान, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे।

 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  मंत्री को सूचित किया गया कि भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)  के आयोजन स्थल पर 30 घंटे की कठिन हैकथॉन के समापन के बाद  प्रारंभिक निर्णायक मंडल (जूरी) ने शीर्ष 24 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया। मुख्य निर्णायक मंडल (जूरी)  ने पिच प्रस्तुति के लिए 16 टीमों का चयन किया और अंत में चार टीमों को विजेता घोषित किया गया और उनके विचारों को इसरो द्वारा समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा 11 उपविजेता भी घोषित किये गये।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईआईएसएफ-2023 की शानदार सफलता के लिए सभी वैज्ञानिक विभागों की भी सराहना की, जिसमें 11,000 से अधिक प्रतिनिधियों सहित लगभग 35,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। चार दिवसीय विज्ञान उत्सव में सात राज्यों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रियों, 27 राज्य अधिकारियों और सचिवों और 75 प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया था।

विज्ञान सचिवों की मासिक बैठक में 5 फरवरी 2024 को अधिसूचना जारी करने के साथ ही अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एनआरएफ) के संचालन में शामिल जमीनी काम के लिए विभागों की सराहना की गई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि डीएसटी अनुसंधान एनआरएफ के लिए प्रतिक चिन्ह (लोगो) की खोज कर सकता है।

  

----------