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नहीं रहे पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, 80 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

 डेस्क। पश्चिम बंगाल के 34 साल के वाम मोर्चा शासन के दूसरे और आखिरी मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का आज गुरुवार सुबह 80 वर्ष की आय़ु में निधन हो गया। बुद्धदेव की निधन की खबर उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने गुरुवार सुबह दी। उनके निधन से पूरे बंगाल में शोक का लहर है।

मिली जानकारी के अनुसार बुद्धदेव ने सुबह नाश्ता भी किया था। सुबह करीब 8.20 बजे पाम एवेन्यू स्थित घर पर ही उन्होंने देह त्याग दिया। खबर मिलने के बाद उनके परिजन और राजनीतिक लोग एकत्रित होने शुरू हो गए। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बुधवार शाम से ही उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। बुद्धदेव को सांस लेने में तकलीफ चरम सीमा पर पहुंच गई। फिर थोड़ी देर में उनकी स्थिति थोड़ी ठीक हुई।

फिर तय हुआ कि गुरुवार सुबह 11 बजे डॉक्टर आकर उनकी जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा, क्योंकि वह अस्पताल जाने में बहुत अनिच्छुक थे। इसलिए डॉक्टरों की सलाह पर विचार किया जाएगा, लेकिन गुरुवार की सुबह से बुद्धदेव फिर बीमार पड़ गए। सुबह उठकर नाश्ते के बाद चाय पी। इसके बाद वह दोबारा बीमार पड़ गए और उन्हें नेबुलाइजर देने की कोशिश की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस वक्त वह दिल की बीमारी से पीड़ित थे। तुरंत डॉक्टरों को सूचित किया गया। उन्होंने आकर बुद्धदेव को मृत घोषित कर दिया। 

बता दें वरिष्ठ माकपा नेता बुद्धदेव साल 2000 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने थे। वह साल 2011 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस से हार गये थे और राज्य में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा का 34 साल का शासन खत्म हो गया था। बुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक जताया और कहा कि वह एक ऐसे राजनीतिक दिग्गज थे जिन्होंने प्रतिबद्धता के साथ राज्य की सेवा की।

 

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