काशी में सजेगा स्वागत का भव्य मंच, महिला शक्ति के संग विकास का होगा विराट प्रदर्शन
2026-04-23 08:35 AM
28
काशी की धरती पर फिर गूंजेगा स्वागत का स्वर
वाराणसी| वाराणसी एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है, जब 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन प्रस्तावित है। इस दौरे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों की बागडोर खुद संभाल ली है और स्पष्ट संदेश दिया है कि काशी में स्वागत केवल औपचारिक न हो, बल्कि भव्यता और अनुशासन का ऐसा उदाहरण बने जो पूरे देश में चर्चा का विषय बने। महिला सम्मेलन से लेकर विकास परियोजनाओं तक, हर पहलू को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, हर स्तर पर मुस्तैदी की मांग
सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सभी कार्यों को तय समयसीमा में अंतिम रूप दिया जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि प्रधानमंत्री का अपनी काशी में स्वागत गरिमामय और प्रभावशाली होना चाहिए।
महिला सम्मेलन बनेगा केंद्रबिंदु, बड़ी भागीदारी की तैयारी
इस दौरे का सबसे अहम हिस्सा बरेका परिसर में आयोजित होने वाला महिला सम्मेलन होगा, जिसमें भारतीय जनता पार्टी की ओर से 50 हजार से अधिक महिलाओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सम्मेलन में शामिल होने वाली महिलाओं के लिए आवागमन, पार्किंग और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, गर्मी को देखते हुए पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
विकास परियोजनाओं का होगा बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान 6000 करोड़ रुपये से अधिक की करीब 150 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रस्तावित है। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने इन परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण बैठक में रखा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की एक बार फिर गहन समीक्षा की जाए और यदि कहीं कोई कमी हो तो उसे तत्काल दूर किया जाए, ताकि उद्घाटन के समय कोई बाधा न आए।
स्वच्छता और व्यवस्था पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने पूरे शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए एक सप्ताह पहले से विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काशी की छवि देश-विदेश में एक आदर्श शहर के रूप में उभरनी चाहिए। इसके तहत आवारा कुत्तों और छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थलों में रखने, स्ट्रीट वेंडरों के लिए उचित स्थान तय करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रभावी रूट डायवर्जन लागू करने को कहा गया है।
सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर सख्ती
कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन को मिलकर ऐसी रणनीति बनाने को कहा गया है, जिससे आम जनता को कम से कम असुविधा हो और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके। हर छोटे-बड़े पहलू पर बारीकी से नजर रखने की बात कही गई है।
परियोजनाओं की प्रगति पर भी पैनी नजर
मुख्यमंत्री ने शहर में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। रोप-वे परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए, वहीं गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के कार्य की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक यह परियोजना पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा मणिकर्णिका घाट और दालमंडी सड़क चौड़ीकरण कार्य को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एडीजी जोन पियूष मोर्डिया, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्य करने का भरोसा जताया।
काशी तैयार, अब इंतजार ऐतिहासिक पल का
पूरे शहर में तैयारियों की रफ्तार और प्रशासनिक सख्ती यह संकेत दे रही है कि 28 अप्रैल का दिन काशी के लिए विशेष होने वाला है। महिला शक्ति की भागीदारी, विकास परियोजनाओं की सौगात और भव्य स्वागत के बीच यह दौरा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि काशी की पहचान और गौरव को नई ऊंचाई देने का अवसर बनता नजर आ रहा है।