रायपुर

अमलीडीह नाले में अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर अभियान

रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर के ग्राम अमलीडीह में नाले एवं शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन ने बुलडोजर से कार्रवाई की है। इस अभियान में राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने नाले में किए गए अवैध कब्जों को चिन्हांकित कर उन्हें हटाया और नाले को मूल बहाव में बहाल किया। एसडीएम नंदकुमार चौबे के नेतृत्व में इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार सुश्री ज्योति सिंह, राजस्व निरीक्षक यश वराह, पटवारी राजाराम पोटाई, फुंडहर पटवारी धर्मेंद्र और जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नाले और शासकीय भूमि में हुए अवैध अतिक्रमण को हटाकर क्षेत्र को सुरक्षित किया।

कार्रवाई के दौरान केवल नाले ही नहीं, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि, चरागाह और रास्तों का भी अवलोकन कर चिन्हांकित किया गया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में पुनः अतिक्रमण की घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन शासकीय भूमि और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के लिए सतर्क है और ऐसे किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नाले, नदी-नालों और शासकीय भूमि पर किसी भी तरह के अतिक्रमण में शामिल न हों। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक जलस्रोतों पर अतिक्रमण से न केवल पर्यावरण प्रभावित होता है, बल्कि नागरिक जीवन और स्थानीय जलनिकासी में भी बाधा आती है।

इस अभियान से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने कहा कि नाले और शासकीय भूमि का संरक्षण केवल नियमानुसार ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। नाले में बहाव सही होने से बारिश के समय पानी का संग्रहण और निकासी बेहतर होगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की संभावना कम होगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि शासकीय भूमि और जलस्रोतों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल भूमि खाली कराना ही नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों को जागरूक करना और भविष्य में अतिक्रमण रोकना भी है।

अधिकारियों ने बताया कि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने के बाद इलाके में सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि शासकीय भूमि और प्राकृतिक जलस्रोत सुरक्षित रह सकें। इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नाले, नदी-नालों और शासकीय भूमि पर किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।