कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मी 6 दिनों से हड़ताल पर, IGKV के मुख्य द्वार पर किया प्रदर्शन
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, विषय वस्तु विशेषज्ञों एवं अन्य कर्मचारियों ने कृषि विश्व विद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। वे अपने वेतन भत्तों को लेकर 6 दिनों से हड़ताल कर रहे हैं। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि वेतन विसंगतियों के संबंध में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ शासन से निरंतर पत्राचार कर इन विसंगतियों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
दरअसल कृषि विज्ञान केन्द्र, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् से शत-प्रतिशत वित्त पोषित परियोजना है। आई.सी.ए.आर., नई दिल्ली द्वारा 20 अगस्त 2024 को जारी नये दिशा-निर्देशों के अनुसार कृषि विज्ञान केन्द्रों में पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन भत्तों मे विशेषकर एन.पी.एस. अंशदान एवं अन्य भत्तों में कटौती की गई है। पूर्व में उपरोक्त सभी भत्तों के लिए आई.सी.ए.आर. से अनुदान प्राप्त हो रहा था।
नये दिशा-निर्देश के उपरांत वेतन भत्तों से संबंधित कटौती होने की वजह से पूर्ण वेतन भुगतान करने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। नये दिशा निर्देशो के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों के मूल वेतन, मंहगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा का भुगतान किया जा रहा है और पेंशन अनुदान एवं अन्य भत्तों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध मे कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका पर उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा जारी स्थगन आदेश के परिपालन में विश्वविद्यालय द्वारा याचिकाकर्ताओं को पूर्ववत् वेतन भत्तों का भुगतान किया जा रहा है जिसके लिए विगत वित्तीय वर्ष 2024-25 में विश्वविद्यालय ने अपने रिसिप्ट एकाउंट में से रू. 1.6 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किया है।