उत्तरप्रदेश के बलिया में खुलेगा मेडिकल कॉलेज... शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा
डेस्क। उत्तरप्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए खुशखबर आई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे पहले तक शिक्षामित्रों को दस हजार रुपये और अनुदेशकों को नौ हजार रुपये का मानदेय मिलता था। बैठक के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय 1 मई से लागू होगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कहा - 2017 में योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये महीने से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया था, जिसे अब 18 हजार रुपये किया जा रहा है। इसके जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही दे दी थी। जिसकी चर्चा कैबिनेट की बैठक हुई और प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि, राज्य में स्कूलों में 27 हजार से ज्यादा अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। बैठक में अनुदेशकों के मानदेय को भी नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करने पर सहमति दे दी गई है। कैबिनेट की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों मुहर लगी। वहीँ एक और प्रस्ताव में छात्रों को वितरित करने के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदी को भी मंजूरी मिली है। इस बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि राज्य में 60 लाख स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं, अब 25 लाख टैबलेट और खरीदने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' योजना के तहत बलिया में मेडिकल कॉलेज शुरू होगा। कॉलेज कारागार विभाग की जमीन पर बनेगा। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के रूप में मर्ज किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।
राज्य सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है। जिला मुख्यालय के पास जमीन चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। बुनियादी ढांचा तैयार होने पर 100 एमबीबीएस सीटों के लिए मान्यता लेकर शिक्षा सत्र शुरू किया जाएगा। इससे जिले में ट्रॉमा सेंटर, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।