अब शादी का कार्ड सिर्फ रिश्तेदारों को नहीं, गैस सिलेंडर को भी बुलाएगा।
2026-04-11 10:45 AM
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शादी में सिलेंडर के लिए नया नियम
पटना| बिहार में शादी का मौसम आते ही सरकार ने गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब किसी भी वैवाहिक कार्यक्रम में एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए शादी का कार्ड दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना कार्ड के आवेदन स्वीकार नहीं होगा। यह कदम आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस की सप्लाई सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
खरमास के बाद शुरू होंगी शादियाँ
राज्य में 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है। इसके बाद शादियों का सिलसिला शुरू होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह नई व्यवस्था लागू की है। विशेष सचिव उपेन्द्र कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों—IOC, BPCL और HPCL—को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
घरेलू सिलेंडर पर रोक
सरकार का कहना है कि अक्सर लोग शादी जैसे बड़े आयोजनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं। इससे आम उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस की सप्लाई प्रभावित होती है। इस समस्या को रोकने के लिए अब केवल वाणिज्यिक गैस का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
आवेदन की प्रक्रिया
नए नियम के तहत जिस घर में शादी है, वहां के लोग अपने क्षेत्र के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास आवेदन देंगे। इस आवेदन के साथ शादी का कार्ड लगाना जरूरी होगा, ताकि कार्यक्रम की सत्यता की पुष्टि हो सके।
कितने लोग, कितने सिलेंडर
आवेदन में यह भी बताना होगा कि कार्यक्रम में कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है और कितने गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ेगी। इसके बाद SDO आवेदन की जांच कर संख्या के आधार पर गैस की आवश्यकता का आकलन करेंगे। उसी अनुसार तेल कंपनियों को वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराने का निर्देश देंगे।
कैटरर्स और रसोइयों के लिए नियम
सरकार ने यह भी तय किया है कि कैटरर्स और रसोइयों को वाणिज्यिक गैस के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह प्रक्रिया 5 से 7 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। बिहार सरकार का यह कदम शादी के मौसम में घरेलू गैस की किल्लत रोकने के लिए अहम माना जा रहा है। शादी का कार्ड अब सिर्फ निमंत्रण नहीं, बल्कि सिलेंडर पाने की चाबी भी बन गया है।