रायपुर

एम्स रायपुर में जल्द बनेगी अत्याधुनिक एडवांस्ड बर्न यूनिट

रायपुर। विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा वैज्ञानिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्टिव) सर्जरी की व्यापक उपयोगिता, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा इससे मरीजों के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि संस्थान का बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग जन्मजात चेहरे एवं हाथ-पैरों की विकृतियों, कटे होंठ एवं तालू (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट), जलने से होने वाली विकृतियों, दुर्घटनाओं में क्षतिग्रस्त अंगों, नसों की चोट, सौंदर्य संबंधी समस्याओं तथा माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन जैसी जटिल शल्य चिकित्सा में महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स रायपुर में शीघ्र ही अत्याधुनिक एडवांस्ड बर्न यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को और बेहतर एवं समर्पित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कार्यक्रम में देश के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन तथा नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल और जवाहरलाल आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान स्नातकोत्तर संस्थान (जिपमर), पुडुचेरी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. करुण अग्रवाल ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने बच्चों में कटे होंठ एवं तालू के आधुनिक उपचार, प्रेशर सोर (बेड सोर) की रोकथाम एवं उपचार तथा जलने की घटनाओं से बचाव के प्रभावी उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समय पर उपचार, बहुविषयक चिकित्सा पद्धति और जन-जागरूकता को बेहतर परिणामों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य, नर्सिंग अधिकारी, सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षु और विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ बड़ी संख्या में मरीज एवं उनके परिजन शामिल हुए। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा, कटे होंठ एवं तालू के उपचार तथा घर और कार्यस्थल पर जलने की घटनाओं से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा से सफल उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों को सम्मानित किया। इनमें कटे होंठ एवं तालू की सर्जरी के बाद सामान्य मुस्कान और बोलने की क्षमता प्राप्त करने वाले बच्चे, री-इम्प्लांटेशन, री-वैस्कुलराइजेशन तथा पेरिफेरल नर्व सर्जरी के माध्यम से हाथ-पैरों की कार्यक्षमता पुनः प्राप्त करने वाले मरीज तथा बर्न रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी से लाभान्वित मरीज शामिल थे। इन सफल उपचारों ने आधुनिक प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा की प्रभावशीलता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर की कार्यक्षमता, सामान्य स्वरूप, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही बर्न से बचाव, कटे होंठ एवं तालू के समय पर उपचार तथा पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा से जुड़े मिथकों को दूर करने और जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।