रायपुर

अग्रसेन महाविद्यालय में हुई फोटोग्राफी प्रतियोगिता में दिखी छत्तीसगढ़ की संस्कृति के रंग

रायपुर। पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आज कॉलेज परिसर में फोटोग्राफी कॉन्टेस्ट और फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता की थीम 'छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा' रखी गई थी। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन, त्योहारों और पारंपरिक सौंदर्य को अपने कैमरों में कैद कर बेहद खूबसूरत और जीवंत प्रदर्शनियां लगाईं। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शहर के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी ने किया। उन्होंने छात्रों द्वारा खींची गई तस्वीरों का बारीकी से अवलोकन किया और उनके हुनर की जमकर तारीफ की।

मुख्य अतिथि के रूप में आए सीनियर फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा, "फोटोग्राफी केवल एक क्लिक नहीं, बल्कि एक कहानी को बयां करने का माध्यम है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा पर आधारित आज की प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा लाई गई तस्वीरें बेहद जीवंत, संवेदनशील और संदेशपरक हैं। एक अच्छा फोटोग्राफर वही है जो आम दृश्यों में से भी कुछ खास और अनोखा ढूंढ निकाले।" इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को लाइटिंग, कंपोजिशन और फील्ड में फोटोग्राफी के दौरान ध्यान रखने योग्य कई महत्वपूर्ण तकनीकी टिप्स भी साझा किए।

छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ व्ही के अग्रवाल ने कहा महाविद्यालय के छात्र न केवल शिक्षा बल्कि कला और संस्कृति के संरक्षण में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। पत्रकारिता विभाग का यह प्रयास सराहनीय है, जिससे छात्रों को छत्तीसगढ़ी संस्कृति को अपनी नजर से दिखाने का एक बेहतरीन मंच मिला है। सभी विजेता और प्रतिभागी छात्रों को  बधाई।

विद्यार्थियों को बधाई देते हुए महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ अमित अग्रवाल ने  कहा, "इस तरह के आयोजन छात्रों की सोच को व्यापक बनाते हैं और उनमें व्यावहारिक कौशल का विकास करते हैं। आज के डिजिटल युग में विजुअल मीडिया की भूमिका बहुत बड़ी है, और हमारे छात्रों में अपनी जड़ों से जुड़कर काम करने का वह विजन साफ दिखाई दे रहा है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए प्राचार्य डॉ. राजपूत ने कहा, "हम मुख्य अतिथि श्री गोकुल सोनी जी के आभारी हैं जिन्होंने अपने व्यस्त समय से वक्त निकालकर हमारे छात्रों का मार्गदर्शन किया। सभी विजेताओं को बधाई और प्रबंधन व पत्रकारिता विभाग की टीम इस सफल आयोजन के लिए बधाई की पात्र है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को तस्वीरों के जरिए जीवंत करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को विजेताओं के रूप में चुना गया:

प्रथम पुरस्कार प्रेरणा तिवारी प्रेरणा ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गहने पहने हुए एक छोटी बच्ची की बेहद मासूम और आकर्षक तस्वीर प्रदर्शित की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।वही द्वितीय पुरस्कार  नंदिनी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक आभूषणों (गहनों) की खूबसूरती को बेहद बारीकी और कलात्मकता के साथ कैमरे में कैद कर दूसरा स्थान हासिल किया।

तृतीय पुरस्कार  चिंतामणि सिंह ने छत्तीसगढ़ के लोक-उत्सव की जीवंतता को दर्शाती 'गौरी-गौरा त्योहार' की एक बेहतरीन एक्शन फोटो के लिए तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम की प्रभारी पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आकांक्षा दुबे रही। उनके कुशल मार्गदर्शन में विभाग के छात्रों ने इस पूरे आयोजन और प्रदर्शनी को बेहद सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया। प्रदर्शनी को देखने के लिए महाविद्यालय के अन्य विभागों के प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्रायें मौजूद रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों की फोटोग्राफी की सराहना की।