रायपुर

RAIPUR NEWS : नवजात की चल रही थीं सांसे... लापरवाह डॉक्टरों ने कफन—दफन का इंतजाम करने कह दिया... फिर हुआ क्या, पढ़िए

रायपुर। डॉक्टर, जिसे धरती का भगवान माना जाता है। जिनकी हर बात को इंसान ठीक वैसे ही मानता है, जैसे भगवान का इशारा हो, लेकिन कई बार इन धरती के भगवानों की ऐसी लापरवाही सामने आती है, जिसके बाद उन पर से भरोसा ही उठ जाता है। ताजा मामला राजधानी रायपुर के बैरनबाजार स्थित सांई सुश्रुषा अस्पताल से सामने आया है, जहां पर जिंदा नवजात को वहां के डॉक्टरों ने मरा हुआ बता दिया और कफन—दफन की तैयारी के लिए उनके परिजनों को कह दिया। 

मिल रही जानकारी के मुताबिक समता कॉलोनी निवासी अंजनी सारस्वत ने डिलीवरी के लिए अपनी पत्नी को बैरनबाजार स्थित सांई सुश्रुषा अस्पताल में दाखिल कराया था। मंगलवार सुबह सारस्वत की पत्नी ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। प्री—मैच्योर डि​लीवरी की वजह से एक बच्ची की मौत हो गई थी, वहीं दूसरी की जान बाकी थी। डॉक्टरों ने कुछ ही देर में उसे भी मृत घोषित ​कर दिया और कफन का इंतजाम करने कह दिया। 

जुड़वां बच्चियों की मौत की खबर सुनकर अंजनी सारस्वत के परिचित और परिवार वाले भी अस्पताल पहुंच गए। उसी दौरान जब मृत बच्चियों को पॉलिथिन में पैक किया ही जा रहा था कि इनमें से एक बच्ची के शरीर में मूवमेंट हुई। पिता ने बच्ची के शरीर में हलचल देखकर तुरंत डॉक्टर को बताया। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

जब परिजनों ने डॉक्टर पर एक बार फिर बच्ची की जांच करने का दबाव बनाया, तो उसकी जांच की गई। इसमें पता चला कि बच्ची जिंदा है। ये बात चलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल की डॉक्टर मोनिका पाठक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।