सावधान कहीं आप भी तो नहीं खा रहे कैमिकल से पका तरबूत.. ऐसे करें पहचान
रायपुर। गर्मी के इस सीजन में तरबूज और खरबूज की खपत और मार्केट में मांग काफी अधिक है। ऐसे में समय से पहले हमें बाजार में तरबूज मिल रहे है। गर्मी के मौसम में मिलने वाला तरबूज भी केमिकल से पका हुआ बाजार में धड्डले से बिक रहा है। आज हम आपको असली-नकली तरबूज की पहचान करने के तरीके बताने जा रहे हैं।
बाजार में बिक रहे तरबूज की ऊपरी परत आपको बिल्कुल असली दिखेगी लेकिन उसे इंजेक्शन देकर कलर-केमिकल से पकाकर लाल किया जाता है। केमिकल वाले तरबूज को खाने से आप बीमार हो सकते हैं और सेहत को कोई फायदा भी नहीं होगा। आज हम आपको असली-नकली तरबूज के बीच फर्क बताएंगे और साथ ही जानेंगे कि सही तरबूज की पहचान कैसे करें।
तरबूज की ज्यादा मांग को देखते हुए कई लोग इसे केमिकल लगाकर पका देते हैं और उसमें सुर्ख लाल रंग का कलर भी होता है। साथ ही शक्कर अलग से डाली जाती है, जिससे स्वाद भी मीठा रहें। ऐसे में ग्राहक अक्सर ठगे जाते हैं और नकली तरबूज खरीद लेते हैं। लेकिन अगर आपने मिलावट वाले तरबूज को खाया जाए तो फूड पॉइजनिंग समेत पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
असली-नकली की पहचान कैसे करें
1. टिश्यू पेपर ट्रिकः आप जब भी तरबूज खरीदते हैं, तो दुकानदार काटकर दिखाते हैं कि वह पका है या नहीं। अगर आप ऐसा नहीं करवाते हैं, तो अब जरूर करवाएं। तरबूज का एक टुकड़ा काटकर दिखाने के लिए कहें और साथ में टिश्यू पेपर रखें। टिश्यू पेपर को तरबूज पर रखेंगे और उसका रंग लाल या ऑरेंज हो जाता है, तो ये नकली है। अगर टिश्यू पेपर का रंग नहीं बदल रहा है, तो वो असली है।
2.पानी वाली ट्रिकः इससे भी आप नकली तरबूज का पता कर सकते हैं। तरबूज का एक टुकड़ा पानी में डालें, अगर इससे पानी का रंग लाल होता दिख रहा है, तो ये नकली है। असली तरबूज से पानी का रंग कभी नहीं बदलता है। केमिकल-कलर वाले तरबूज का रंग पानी में घुलने लगेगा।
3. तरबूज की रंगत से भी आप पहचान कर सकते हैं। अगर उसकी डंठल पीली-सूखी हुई है, नीचे पीला धब्बा है, तो वह सही से पकाया गया है। अगर डंठल हरी-ताजी, नीचे सफेद धब्बा, सुर्ख लाल रंग और सफेद बीज हो तो वह तरबूज नकली हो सकता है।