समाज प्रमुखों ने कहा- आयोग गठन से समाजसेवा को मिलेगी गति... महाराष्ट्र मंडळ का प्रस्ताव सराहनीय
2023-12-26 04:34 PM
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रायपुर। राजधानी में अलग-अलग स्तर पर सामाजिक सेवा के विभिन्न आयोजन करने वाली समितियों और संगठनों ने महाराष्ट्र मंडळ के प्रस्ताव को सराहनीय बताते हुए कहा कि सामाजिक संस्थाओं के आयोग गठन से समाजसेवा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। निःसंदेह सेवा का सही लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।
सिंधी समाज की महिलाओं की सामाजिक संस्था ‘सुहिणी सोच’ से जुड़ी माही बुलानी ने कहा कि समाजसेवा के कार्य अभी सभी संगठन और संस्थाएं अपने-अपने स्तर पर करती है। जिसके सकारात्मक परिणाम तो आते हैं, लेकिन उस स्तर के नहीं आ पाते, जिसकी उम्मीद की जाती है। महाराष्ट्र मंडळ के प्रस्ताव पर सरकार आयोग का गठन करती है, तो सामाजिक कार्यों को गति मिलेगी।
महाराष्ट्रीय तेली समाज के महिला मंडल प्रमुख वीणा कुंभलकर के मुताबिक समाजसेवा को लेकर आयोग का गठन हो, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं होगा। आज महाराष्ट्र मंडळ ने इस ओर पहल की है। महाराष्ट्रीय तेली समाज भी महाराष्ट्र मंडळ के सेवाभावी कार्यों में अपनी सहभागिता निभाता है। आयोग गठन का प्रस्ताव सराहनीय है। ऐसा करने से समाजों के सेवाभावी कार्य सार्थक होंगे।
मराठा समाज की महिला अध्यक्ष सुषमा महाणिक ने मंडळ की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि निःसंदेह सामाजिक संस्थाओं का आयोग गठन अच्छी बात है। ऐसा करने से सामाजिक गतिविधियों और सेवाभावी कार्यों को एक दिशा मिलेगी।
उत्कल समाज से जुड़ी सावित्री जगत का मानना है कि समाजसेवा के कार्यों को एक दिशा देने और एक सूत्र में पिरोने के लिए ऐसी पहल बेहद आवश्यक है। महाराष्ट्र मंडल ने सही दिशा की ओऱ कदम बढ़ाया है। जरूरत पड़ने पर उत्कल समाज भी इस पहल पर अपनी पूरी सहभागिता निभाएगा।
वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन की महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं के आयोग गठन से समाजसेवा का एक व्यापक स्वरूप सामने आएगा। सभी कार्यक्रम काफी बड़े स्तर पर होंगे। कार्यक्रम बड़े होंगे तो इसके परिणाम भी काफी बड़े आएंगे। मंडळ की यह पहल काफी प्रशंसनीय है।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमख विशाखा तोपखानेवाले ने कहा कि मंडळ अध्यक्ष अजय काळे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें सामाजिक संस्थाओं के आयोग गठन को लेकर चर्चा की। वहीं विभिन्न समाजों के प्रमुख, महिला प्रमुखों ने मंडल की इस पहल की सराहना की है। सभी का कहना है कि ऐसा करने से सामाजिक कार्यों को गति मिलेगी।