छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान
रायपुर। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अपने विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई। अग्रवाल आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रूबरू हुए। प्रेस वार्ता में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
प्रेस वार्ता की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यटन से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई। मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों की समृद्ध विरासत प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदाओं को देश और दुनिया के सामने नई पहचान दिलाना है।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ है।
1. 61 ट्रेनों से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या-काशी के दर्शन
2. होमस्टे और स्थानीय रोजगार पर विशेष जोर
3. चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की तैयारी
4. भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145.99 करोड़ स्वीकृत
5. डिजिटल पर्यटन को मिल रहा विस्तार
6. 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान बनाने का लक्ष्य
7. 18 पर्यटन संपत्तियों के विकास में निजी भागीदारी
8. अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग
9. कलाकारों के कल्याण और संस्कृति संरक्षण पर विशेष जोर
10. 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन
11. संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल
12. लोककलाओं और लोकवाद्यों के संरक्षण के लिए नए आयोजन
13. संस्कृति का डिजिटल आर्काइव तैयार
14. सांस्कृतिक संस्थाओं को 7.85 करोड़ से अधिक की सहायता
15. नई फिल्म नीति की तैयारी
16. सिरपुर को विश्व धरोहर की दिशा में आगे बढ़ाने की पहल
17. 63 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण पर कार्य
18. रायपुर संग्रहालय में नई गैलरी, पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो
19. 12 लाख पृष्ठों का डिजिटल अभिलेखीकरण
20. 2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण