"स्वस्थ जीवन के लिए योग" कार्यशाला का अंतिम दिवस प्राणायाम, आसनों को किया गयाअभ्यास
रायपुर। इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर योगिक साइंसेज और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में "स्वस्थ जीवन के लिए योग" पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन 4 जून को हुआ। अंतिम दिन में महत्वपूर्ण प्राणायाम, आसनों को अभ्यास कराने के साथ-साथ शरीर में आसन से होने वाली लाभ के बारे में बताया गया।
कार्यशाला के अंतिम दिन रायपुर एम्स के योग थेरेपिस्ट कुंदन कुमार जी उपस्थित रहें। चतुर्थ दिवस में योग विशेषज्ञ ने सत्र के प्रारंभ सुख आसन में सभी प्रतिभागियों को बैठाकर "ओम" के मंत्रों के साथ-साथ ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्ति: ।। के प्रारम्भ किए तत्पश्चात सूक्ष्म व्यायाम, पतंजलि योग के 8 आसन बताये, योग के अष्टाङ्गों का परिचय यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि फिर मंडूक आसन, सूर्य-नमस्कार- 12 चरणों में किया जाने वाला आसन हैं, जिसमें प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, हस्तपादासन, अश्व संचलानासन, अधो मुख श्वानासन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार , भुजंगासन, अधो मुख श्वानासन/ पर्वतासन, अश्व संचलानासन, हस्तपादासन शामिल हैं का अभ्यास कराए।
नाडी शोधक ,कपोल शक्ति, अंतिम भ्रामरी प्राणायाम , व शांति पठ के लिए गायत्री मंत्र के साथ अर्थ बताते हुए ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्। इसके बाद योग विशेषज्ञ द्वारा सभी प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर बताते हुए आसन के लाभ को बताये और कहा कि "योग कर्म कौशलम् " मुझे प्रतिभागियों से प्रेरणा मिलता है।
कार्यशाला समन्वयक प्रो. राजीव चौधरी नें अंतिम दिवस में योग के महत्व बताते हुए, सभी प्रतिभागियों को निरंतर दैनिक दिनचर्या में योग कों शामिल करने को कहा और जानकारी दिए कि योगा केम्प दिनांक 5 जून से 12 जून 2024 तक निरंतर चलता रहेगा। अंतिम दिन 200 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभागी के रूप मे प्रत्यक्ष माध्यम से शामिल हुए । सभी योग लाभार्थीयो ने पूरी ऊर्जा के साथ योग का अभ्यास किया।