छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद स्टेट बार एसोसिएशन का चुनाव कार्यक्रम हुआ तय

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के स्टेट बार एसोसिएशन का चुनाव पिछले 5 साल से नहीं हो रहा है। इसके चलते होने वाली परेशानी को देखते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले को लेकर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच के समक्ष सुनवाई हुई। जिसमें छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सिकरेट्री ने शपथ पत्र पेश करते हुए बताया कि चुनाव का कार्यक्रम तय हो गया है।

हाईकोर्ट में बताया गया कि 13 फरवरी को बैठक आयोजित की गई थी। इसमें प्रारंभिक तौर पर संभावित चुनाव कार्यक्रम तैयार किया गया है। 10 मार्च तक मतदाता सूची बनाने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मतदान 18 जुलाई को होगा। मतगणना 7 अगस्त को की जाएगी।

बार कौंसिल आफ इंडिया की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने बताया कि स्टेट बार कौंसिल का चुनाव कार्यक्रम पूर्व के नियमों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 30 जनवरी 2015 की अधिसूचना के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने की अवधि में बढ़ोतरी की गई है। पहले 150 की अवधि तय की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है। जरुरी बदलाव के चलते चुनाव प्रक्रिया सितंबर तक पूरी होगी। बार कौंसिल आफ इंडिया के अधिवक्ताओं के जवाब के बाद डिवीजन बेंच ने स्टेट बार कौंसिल के अधिवक्ता से पूछा कि नए नियमों के अनुसार चुनाव कार्यक्रम क्यों नहीं बनाया गया।