छत्तीसगढ़

रेल हादसे में एक और मौत, कॉलेज छात्रा महविश परवीन ने ईलाज के दौरान दम तोड़ा….

बिलासपुर| लालखदान रेल हादसे से जुड़ी एक और दुखद खबर सामने आई है। अपोलो अस्पताल में भर्ती एक घायल युवती ने आठ दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या अब 13 हो गई है।

4 नवंबर की शाम 4 बजकर 10 मिनट पर बिलासपुर-गेवरारोड मेमू ट्रेन, लालखदान और गतौरा स्टेशन के बीच खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही 11 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को तत्काल रेलवे प्रशासन की मदद से शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें जांजगीर-चांपा की 19 वर्षीय मेहविश परवीन भी शामिल थी, जो अपोलो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। डॉक्टरों को उसकी हालत में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन मंगलवार देर रात उसने अंतिम सांस ली। मेहविश परवीन जांजगीर के डीपी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी।

हादसे के बाद उसका मोबाइल फोन भी मलबे में दबा रह गया था, जो घटना के 18 घंटे बाद अचानक बज उठा। घटना के अगले दिन सुबह जांच टीम घटनास्थल पर मौजूद थी, तभी अचानक मेमू इंजन के भीतर से मोबाइल की रिंगटोन सुनाई दी। सभी ने अपनी जेबें टटोलीं, लेकिन कॉल इंजन के भीतर से आ रही थी। जब इंजन की तलाशी ली गई, तो वहां मेहविश का मोबाइल बरामद हुआ। कॉल उसकी एक सहेली की थी जिसने बताया कि फोन मेहविश का है।

वहीं, इस हादसे में घायल सहायक लोको पायलट रश्मि राज की हालत में सुधार हुआ है। उन्हें अब ICU से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। फिलहाल उनका उपचार जारी है। रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर घायल यात्रियों की स्थिति पर करीबी नज़र रखने और परिजनों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।