छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा के दंपती को पद्मश्री... डॉ. रामचंद्र गोडबोले बने 'डॉक्टर भैया', पत्नी सुनीता भी कर रहीं आदिवासियों की सेवा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पिछले 35 वर्षों से आदिवासी समाज की सेवा कर रहे डॉ. रामचंद्र गोडबोले और उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले को भारत सरकार ने पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया है। यह सम्मान उनके लंबे समय से किए जा रहे स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।

 डॉ. रामचंद्र गोडबोले  एक आयुर्वेद चिकित्सक हैं जिन्होंने अपना जीवन आदिवासियों की सेवा में समर्पित कर दिया है। महाराष्ट्र छोड़कर  डॉ गोडबोले दंतेवाड़ा जिले के बारसूर को वर्षों पहले अपना आशियाना बना लिया था ।वे बस्तर के अबूझमाड़, बीजापुर , दंतेवाड़ा जैसे दुर्गम इलाकों में मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान करते हैं। उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले भी उनके साथ इस काम में जुड़ी हुई हैं।

डॉ. गोडबोले ने 37 वर्षों से अधिक समय से आदिवासियों के बीच काम कर रहे हैं और उन्हें स्वास्थ्य जागरूकता और कुपोषण के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने अपने ट्रस्ट "ट्रस्ट फॉर हेल्थ" के माध्यम से कई लोगों की जिंदगी बदल दी है।  इस दंपति को संयुक्त रूप से पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें उनके समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।