यहां लगा “स्टडी कर्फ्यू”, शाम 6 बजे के बाद छात्र नहीं आएंगे नजर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का गांव बिरेतरा इन दिनों सोशल मीडिया पर खुब सुर्खियां बटोर रहे हैं। यह गांव इन दिनों शिक्षा और सामाजिक अनुशासन के अनोखे प्रयोग के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा (2026) से पहले गांव ने ऐसा निर्णय लिया है, जिसे ग्रामीण “भविष्य बचाओ अभियान” का नाम दे रहे हैं। गांव की सामूहिक बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि शाम 6 बजे के बाद कोई भी स्कूली छात्र सड़क, चौक-चौराहे, दुकान, ठेला, खेल मैदान या चौपाल पर नजर नहीं आएगा।
नियम तोड़ने की स्थिति में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि उसके अभिभावकों को भी जिम्मेदार माना जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा से पहले नियमित अध्ययन का समय तय करना लाभकारी होता है। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि अनुशासन के साथ संतुलन जरूरी है, ताकि बच्चों पर मानसिक दबाव न बढ़े। बिरेतरा में यह पहल सामूहिक सहमति से लागू की गई है, इसलिए इसे सामाजिक सहयोग का मॉडल माना जा रहा है।