सोशल मीडिया में बिजली संकट का दावा भ्रामक
रायपुर। इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि कोयले की कमी के कारण भारत गंभीर बिजली संकट और ग्रिड फेल होने की स्थिति का सामना कर रहा है। ये दावा भ्रामक हैं और अनावश्यक घबराहट फैलाने का प्रयास करते हैं। केंद्र सरकार ने इसे लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
मिला जानकारी के अनुसार 2 मई 2026 को अधिकतम पीक डिमांड 229 गीगावाट रही, जिसे पूरी तरह पूरा किया गया और किसी प्रकार की कमी नहीं रही। वर्तमान में तापीय विद्युत संयंत्रों के पास कुल कोयला भंडार 53.702 मिलियन टन है, जो आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
देश में बिजली की उपलब्धता पर्याप्त है, और ग्रिड संचालन एवं वितरण सुव्यवस्थित योजनाओं के अनुसार प्रबंधित किए जा रहे हैं। मौजूदा फ्रीक्वेंसी कंट्रोल डिफेंस मैकेनिज्म सुरक्षित ग्रिड संचालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त परिचालन मार्जिन प्रदान करते हैं। यदि आपको भारत सरकार से संबंधित ऐसा कोई भ्रामक कंटेंट दिखाई दे, तो तुरंत रिपोर्ट करें।