केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया 'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' का शुभारंभ
रायपुर। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज 'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' (सीबीएस) का शुभारंभ किया। यह एक स्वदेशी तकनीक है जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दूरसंचार विभाग (डीओटी) के सेंन्टर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डीओटी) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के सहयोग से विकसित किया गया है। यह पहल भारत की आपातकालीन संचार प्रणालियों को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन; सचिव (दूरसंचार) अमित अग्रवाल; महानिदेशक (एनडीआरएफ) श्री पीयूष आनंद; सचिव (एनडीएमए) मनीष भारद्वाज; गृह मंत्रालय के अपर सचिव अनुज शर्मा और एनडीएमए के सदस्य कृष्ण वत्स शामिल थे।
दूरसंचार विभाग (डीओटी), गृह मंत्रालय, एनडीएमए और सी-डीओटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बोलते हुए, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की शुरुआत भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है। यह नागरिकों की सुरक्षा के लिए 'हादसे के बाद कदम उठाने' के बजाय 'हादसे से पहले तैयारी' के हमारे नए दृष्टिकोण को दर्शाता है। आधुनिक टेलीकॉम तकनीक का लाभ उठाकर, सीबीएस लगभग 'रियल-टाइम' और 'जियो-टारगेटेड' अलर्ट तुरंत पहुँचाने में सक्षम है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुँचे। यह स्वदेशी और वैश्विक स्तर की तकनीक हमारी तैयारियों को और मजबूत करती है तथा एक सुरक्षित और आपदाओं से लड़ने में सक्षम भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराती है।”
सेल ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन (सीबीएस) टेलीकॉम-आधारित एक ऐसी सार्वजनिक चेतावनी प्रणाली है, जो अधिकारियों को एक निश्चित क्षेत्र के भीतर सभी मोबाइल उपकरणों पर एक साथ सटीक जियो-टारगेटेड अलर्ट भेजने की सुविधा देती है। "सचेत" प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत होने के कारण, यह बहुत तेजी से और मानक तरीके से अलर्ट प्रसारित करने में सक्षम है। यह पारंपरिक एसएमएस-आधारित प्रणालियों की कमियों को दूर करता है और यह सुनिश्चित करता है कि संकट के समय महत्वपूर्ण जानकारी लक्षित क्षेत्रों की बड़ी आबादी तक बिना किसी देरी के और कुशलता से पहुँचाई जा सके।
इस लॉन्च के हिस्से के रूप में, आज देश भर में इस प्रणाली का सफल परीक्षण (टेस्ट) किया गया। परीक्षण के दौरान, पूरे देश में मोबाइल फोन पर एक खास चेतावनी टोन के साथ आपातकालीन संदेश भेजे गए। यह प्रदर्शन आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों के दौरान समय पर जानकारी पहुँचाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। भारत में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान और निस्वार्थ सेवा को रेखांकित करते हुए, श्री सिंधिया ने व्यक्तियों और संगठनों दोनों को 'सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार' (एससीबीएपीपी) से भी सम्मानित किया। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित गाइडलाइंस और एक हैंडबुक का विमोचन भी किया गया।
सीबीएस सटीक जियो-टारगेटिंग क्षमताएँ प्रदान करता है, जिससे अलर्ट को अलग-अलग सेल टावरों या समूहों के स्तर पर भेजा जा सकता है, या फिर जरूरत पड़ने पर बड़े क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सकता है। ये संदेश बिना किसी वेटिंग या कतार के कुछ ही सेकंड में सीधे यूजर्स तक पहुँच जाते हैं। उच्च विश्वसनीयता के लिए डिजाइन किया गया यह सिस्टम नेटवर्क जाम होने पर भी अप्रभावित रहता है, जिससे संकट के समय निर्बाध संचार बना रहता है। यह लक्षित क्षेत्र के सभी मोबाइल यूजर्स तक पहुँचता है, जिसमें रोमिंग वाले यूजर्स भी शामिल हैं। खास बात यह है कि यूजर्स इन अलर्ट्स को बंद नहीं कर सकते। इसके अलावा, ये अलर्ट प्रायोरिटी नोटिफिकेशन के रूप में एक पॉप-अप मैसेज और तेज आवाज के साथ आते हैं और कई फोन में इन संदेशों को बोलकर सुनाने की सुविधा भी दी गई है।