छत्तीसगढ़

विश्व रक्तदाता दिवस पर सेक्टर-9 अस्पताल में दो दिवसीय मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन

रायपुर। विश्व रक्तदाता दिवस-2026 के अवसर पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएच एंड आरसी) के ब्लड सेंटर द्वारा ‘‘मानवता की एक बूंद–रक्तदान, जीवनदान’’ थीम पर दो दिवसीय मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। अभियान के प्रथम दिवस अस्पताल कर्मियों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी से 29 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

रक्तदान शिविर का शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेन्द्र ठाकुर तथा डॉ. उदय कुमार सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान मानव रक्त समूहों की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक डॉ. कार्ल लैंडस्टाइनर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं को उनके जीवनरक्षक योगदान के लिए ट्रॉफी और पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।

रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर सहयोग देने वाली विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं को भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में इन संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा कांगो, ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. निली एस. कुजूर, वरिष्ठ सलाहकार (पैथोलॉजी) डॉ. प्रिया साहू, सलाहकार (ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज) डॉ. दीपक कुमार दासमहापात्र तथा सलाहकार (पैथोलॉजी) डॉ. प्रतीक शिवप्पा सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में ब्लड सेंटर की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उप प्रबंधक राजीव शर्मा, सहायक प्रबंधक रीता भटनागर और स्टाफ नर्स शैल कुमारी सिंह सहित टीम के सदस्यों ने कार्यक्रम के संचालन में सक्रिय योगदान दिया। वहीं रक्तदाताओं की स्क्रीनिंग, रक्त संग्रहण और प्रसंस्करण से संबंधित तकनीकी कार्य मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट शाजी, सुधीर कुमार पाण्डेय, अजय कुमार आर्य तथा जूनियर मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट संदीप कुमार पाण्डेय, मीनाक्षी चरण, कुलदीपक तिवारी और जितेन्द्र कुमार ने दक्षतापूर्वक संपादित किए।