छत्तीसगढ़

एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, 108 बनी संजीवनी….मरवाही अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

रायपुर। प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में महिला की हालत बिगड़ गई और 108 एम्बुलेंस ही अस्पताल बन गई। एम्बुलेंस स्टाफ की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव तो हो गया, लेकिन इस घटना ने मरवाही अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

27 जून को ग्राम करहनी निवासी 25 वर्षीय शकुंतला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल ले जाते समय सोन नदी पुल के पास महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। हालात को देखते हुए 108 एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी गणेश्वर प्रसाद ने मितानिन और पायलट भूपत सिंह की मदद से एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। जच्चा और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

इस घटना ने मरवाही अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसूति जैसी सामान्य सुविधा के लिए भी मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। हालांकि 108 एम्बुलेंस टीम की तत्परता और सूझबूझ ने एक बड़ी अनहोनी टाल दी, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि आखिर मरवाही के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कब मिलेंगी?