छत्तीसगढ़

सावन में ट्रेनें रद्द होने पर फूटा श्रद्धालुओं का गुस्सा, बरसते पानी में जीएम और डीआरएम कार्यालय का घेराव

रायपुर। सावन के पवित्र महीने में जब लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा की तैयारी कर चुके हैं, ठीक उसी वक्त रेलवे ने एक बार फिर ट्रेनों को रद्द और शॉर्ट टर्मिनेट कर श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बरसते पानी में बड़ी संख्या में बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालु जीएम और डीआरएम कार्यालय पहुंच गए और रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि हर त्योहार और आस्था से जुड़े अवसर पर रेलवे किसी न किसी काम का हवाला देकर ट्रेनें रद्द कर देता है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

सावन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का पर्व है। रेलवे को इसी समय यात्रियों की सुविधा बढ़ानी चाहिए, लेकिन हर साल त्योहारों के दौरान ट्रेनों को रद्द कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल यात्रा का नहीं बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है। रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था कर श्रद्धालुओं को बाबा धाम पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाना चाहिए।

सावन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का पर्व है। रेलवे को इसी समय यात्रियों की सुविधा बढ़ानी चाहिए, लेकिन हर साल त्योहारों के दौरान ट्रेनों को रद्द कर दिया जाता है। यह केवल यात्रा का नहीं बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है। रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था कर श्रद्धालुओं को बाबा धाम पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाना चाहिए।

डीआरएम ने बताया कि चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक से जुड़े कार्यों के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द और कुछ को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की मांग को रेलवे बोर्ड तक भेजा जाएगा और यदि संभव हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेनों का संचालन सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाता है, किसी भी धार्मिक भावना को आहत करने का उनका कोई उद्देश्य नहीं होता।

चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक से जुड़े कार्यों के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द और कुछ को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। श्रद्धालुओं की मांग को रेलवे बोर्ड तक भेजा जाएगा और यदि संभव हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। ट्रेनों का संचालन सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाता है, किसी भी धार्मिक भावना को आहत करने का उद्देश्य नहीं होता।