छत्तीसगढ़

कोरबा में परीक्षा पर्व का आयोजन.... शताब्दी पांडे ने प्राचार्य और डीईओ को दिया प्रशिक्षण

रायपुर। परीक्षा के तनाव से बच्चों को निजात दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा परीक्षा पर्व का आयोजन किया गया। कोरबा जिले में शिक्षकों, प्राचार्यों और अभिभावकों के लिए आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सभासद शताब्दी पांडे शामिल हुई। परीक्षा पर्व का आयोजन कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर दिनेश कुमार नाग और मनोज कुमार पांडेय डीएमसी, समग्र शिक्षा जिला कोरबा भी उपस्थित रहे। 
 
शताब्दी पांडे ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा पर आधारित है एवं इसे परीक्षा पर्व 6.0 श्रृंखला में आयोजित किया गया है। देश भर में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा ये कार्यक्रम 200 जिलों में आयोजित किया जा रहा है। बच्चों को परीक्षा के भय से तनावमुक्त करने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप मूल मंत्रों को साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में 28 मंत्र बच्चो के लिए, 6 मंत्र पालकों के लिए एवं एक मंत्र शिक्षक के लिए है। इस मंत्र के तहत परीक्षा को एक पर्व को रूप में देखने की बात करते हुए बताया कि परीक्षा के भय से बच्चो में जो तनाव आता है उसे मुक्त होने का मंत्र समाहित है।
 
शताब्दी पांडे ने आगे बताया कि मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जो तनाव है उससे भागने के बजाय इस चुनौतियों का सामना करना चाहिए, जिससे सभी चुनौतियों को आसानी से सामना करने में बच्चे सक्षम बन सके। कोई भी व्यक्ति को चिंता करने के बजाय चिंतन कर योद्धा बनना चाहिए। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा शिक्षकों को लिखे गए पत्र का वाचन भी किया गया।