छत्तीसगढ़

कांकेर के परीक्षा पर्व में पहुंचे महाराष्ट्र मंडळ के निमोणकर... शिक्षकों और प्राचार्यों को दिया प्रशिक्षण

रायपुर। पूरे देश में बोर्ड परीक्षाओं का दौर शुरू होने वाला है। बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान बच्चों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर टिप्स दिए। इसी परीक्षा पर चर्चा पर आधारित कार्यक्रम परीक्षा पर्व 6.0 का आयोजन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा पूरे देश में किया गया। कांकेर में आयोजित परीक्षा पर्व में महाराष्ट्र मंडळ के आजीवन सभासद प्रसन्न निमोणकर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्राचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों को प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह, और छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य संगीता गजभिए भी मौजूद थीं। 

प्रसन्न निमोणकर ने बताया कि बच्चों को परीक्षा के भय से मुक्त करने प्रधानमंत्री की मंशानुरूप मूल मंत्रों को साझा करते हुए 28 मंत्र बच्चों के लिए, 6 मंत्र पालकों के लिए एवं एक मंत्र शिक्षक के लिए सभी को साझा किए गए। उन्होंने कहा कि ज्ञान स्थायी होता है जानकारी स्थायी नहीं होती। इसलिए बच्चों को ज्ञानवान बनाने के लिए प्रयासरत होना चाहिए। साथ ही उन्होंने ज्ञान और समझ के बीच के सेतु को निष्पादित करते हुए कहा कि हर छात्र में समझ साथ साथ विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने सिगरेट के पैकेट पर लिखी चेतावनी का उदाहरण देते हुए कहा कि पढ़कर ज्ञान मिल जाता है कि सिगरेट पीने से कैंसर होता है। पर सिगरेट न पीना समझदारी है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बच्चों के लिए कहा कि बच्चों को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए इससे लर्निंग की गति बढ़ती है। खेलने कूदने का भी पर्याप्त अवसर देना चाहिए साथी ही पढ़ाई के साथ परिवर्तन करते हुए अन्य गतिविधियों का भी अवसर दें। असफलता का भय सदैव हमें चिंतातुर बनाता है। यदि हम चिंतातुर जीव के स्थान पर योद्धा बन जाए। जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने एक मंत्र में कहा है, तो यह असफलता का भय आशा की किरण में बदल जाएगा।