शराब घोटालाः हाईकोर्ट से अरुण त्रिपाठी को जमानत... ट्रायल कोर्ट सुनवाई उपस्थिति अनिवार्य
रायपुर। प्रदेश में चर्चित शराब घोटाले के मामले में हाईकोर्ट ने आबकारी अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी को सशर्त जमानत दे दी। उन्हें दूसरे बार में यह सफलता मिली। बतादें कि कोर्ट ने 6 अक्टूबर 2023 को उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद उनके वकील ने दूसरी बार जमानत के लिए याचिका दायर की। तब कोर्ट ने 25 हजार रुपये के निजी बांड और इतनी ही राशि की एक जमानत राशि प्रस्तुत करने पर जमानत दे दिया। कोर्ट ने ये भी कहा है कि ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
बता दें कि अरुणपति त्रिपाठी के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने आइएएस अनिल टूटेजा और राज्य प्रशासनिक अधिकारी सौम्या चौरसिया के साथ मिलकर शराब घोटाले को अंजाम दिया। एक-दूसरे के साथ मिलीभगत करके छत्तीसगढ़ राज्य में रिश्वत, अवैध कमीशन और बेहिसाब धन आदि लिया गया और रिश्वत वसूली का काम उनकी ओर से अनवर ढेबर और उनके सहयोगियों ने किया था।
छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री सिंडिकेट की अवैध कमाई के प्रमुख स्रोतों में से एक थी। इसमें अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, एमडी., सीएसएमसीएल (छत्तीसगढ़) शामिल थे। स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड) व उनकी ओर से विकास अग्रवाल, अरविंद सिंह, संजय दीवान ने कार्य किया। ईडी ने विधेय शिकायत और आयकर विभाग द्वारा साझा किए गए डेटा का विश्लेषण किया। दस्तावेजों के आधार पर राज्य में शराब की बिक्री और लाइसेंसिंग में अवैध कमीशन कमाने के लिए सिंडिकेट द्वारा एक सुनियोजित व्यवस्थित साजिश को अंजाम दिया गया था।