छत्तीसगढ़

जानिए छत्तीसगढ़ के किस जिले के कलेक्टर की कार को कुर्क करने का कोर्ट ने दिया आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला में जमीन मुआवजा प्रकरण में हो रही लेटलतीफी पर कोर्ट ने कलेक्टर की कार कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट के इस आदेश के बाद जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा गया। बतादें कि वर्ष 2012 में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पीड़ित पक्ष का मकान तोड़ दिया गया था। मकान तोड़ने के बाद भी जिला प्रशासन ने पीड़ित पक्ष को मुआवजा जारी नहीं किया गया। जिसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद कोर्ट ने इस पूरे प्रकरण पर अब अपर जिला न्यायाधीश ने कलेक्टर की कार को कुर्क कर रकम वसूलने का फरमान सुनाया है।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अर्जुनदास वैष्णव ने बताया कि 26 फरवरी 2012 में सड़क निर्माण के दौरान वैदेही देवी के निजी आवास के 4 कमरे चौड़ीकरण के नाम पर प्रशासन ने तोड़ दिया था। 2012 में मकान तोड़ने के बाद भी 3 साल तक पीड़ित पक्ष को मुआवजा का आबंटन नहीं हो सका। उचित मुआवजा नहीं मिलने पर साल 2015 में वैदही देवी ने प्रकरण को लेकर अदालत में जायज मुआवजा के लिए अपील की गई थी।

मकान तोड़ने के एवज में लगभग 27 लाख 16 हजार रुपये की मुआवजा राशि पीड़ित पक्ष ने मांग की थी। 22 जून 2023 को न्यायालय ने मुआवजा देने का आदेश पारित किया था। लेकिन अदालत के आदेश के बाद भी जिला प्रशासन की उदासीनता बरकरार रही और मुआवजा देने के लिए कोई पहल नहीं की। अधिवक्ता द्वारा कलेक्टर राजनांदगांव से लेकर एडीएम एवं नजूल अधिकारी की गाड़ियों का नंबर दिया गया। जिसमें अब अदालत ने कलेक्टर की कार को कुर्क कर रकम वसूलने करने का आदेश जारी किया। कोर्ट के इस फैसले के बाद जिला प्रशासन और राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।