छत्तीसगढ़

मानव अधिकार आयोग की महिला सलाहकार समूह की हुई वर्चुअल बैठक... लापता लड़कियों और महिलाओ पर चर्चा

रायपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के महिला सलाहकार समूह की वर्चुअल बैठक विगत दिनों हुई। बैठक में पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं और युवा लड़कियों के लापता होने की चिंताजनक संख्या पर चिंता व्यक्त की गई। वहीं इस गंभीर मुद्दे को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के कार्यों पर भी विचार किया गया। 
 
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के महिला सलाहकार समूह की सदस्य और राष्ट्रीय प्रमुख, महिला सहकारिता, सहकार भारती शताब्दी पांडे ने बताया कि वर्चुअल बैठक में आयोग की प्रमुख के साथ देश भर से महिला सलाहकार जुड़े थे। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। महिलाओं और युवा लड़कियों के लापता होने की चिंताजनक स्थिति को लेकर सभी ने अपने विचार रखें. बैठक में यह बात सामने आई कि सीमा पार सहित एजेंसियों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है। 
 
सुबोध पांडे ने बताया कि इसके लिए संस्थागत और कानूनी सुधारों की आवश्यकता, नागरिक समाज की भूमिका, एनएचआरसी और अन्य मानवाधिकार निकायों की भूमिका, लापता महिलाओं के मुद्दे के समाधान में प्रौद्योगिकी की भूमिका  अहम है।  
 
बतादें कि एनसीआरबी के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 4% की वृद्धि हुई है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु सहित भारत के सभी प्रमुख शहरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर उच्च बनी हुई है। भारत में महिलाओं के खिलाफ होने वाले सभी अपराधों में "अपहरण और अपहरण" से संबंधित अपराध लगभग 19% हैं। 2019 से 2021 के बीच, भारत में लगभग 13.13 लाख महिलाएं और लड़कियां लापता हो गई।