दिव्य महाराष्ट्र मंडल

नवरात्र के नौ दिनों महाराष्ट्र मंडल में रामायण के पात्रों पर सुनाई देंगे रोचक प्रसंग.. लुभाएगी आकर्षक झांकी

- गुड़ी पाड़वा से शुरू होगा आयोज... 6 अप्रैल को मनाई जाएगी रामनवमीं

- आयोजन में शामिल प्रतिभागी प्रतिदिन रामायण के 4-4 पात्रों की बताएंगे रोचक बातें

रायपुर। हममें से बहुत से लोगों ने रामायण पढ़ी, सुनी और देखी। विभिन्न कथाओं और संतों के माध्यम से हम मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम से जुडी रोचक कथाएं सोशल मीडिया प्लेटफार्म में सुनते रहते है। ऐसी ही कुछ रोचक कथाएं इस बार हमें महाराष्ट्र मंडल के मिनी हाल में नवरात्र के नौ दिनों तक सुनने को मिलेगी। बतादें कि महाराष्ट्र मंडल प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष पर गुढ़ी पाडवा के साथ नवरात्र के नौ दिनों को रोचक ढंग से मनाने जा रहा है। वहीं प्रतिदिन चौबे कालोनी स्थित मंडल भवन में रामरक्षा स्त्रोकत और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाएगा।

आध्याोत्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि पहले यह आयोजन आनलाइन मोड पर किया जाना था, लेकिन लोगों की अत्यधिक सहभागिता और उत्साह को देखते हुए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष ने इस आयोजन को आफलाइन महाराष्ट्र मंडल भवन में कराने का फैसला लिया है। यह यह आयोजन नवरात्र के नौ दिन यानी 30 मार्च से 6 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 5.30 से 6.30 बजे तक आयोजित होगा। जिसमें प्रतिदिन चार-चार प्रतिभागी रामायण के विभिन्न पात्रों से जुड़ी कुछ रोचक बातें सांझा करेंगे।

काले ने आगे बताया कि आयोजन को लेकर प्रतिभागियों के पात्रों का नाम फाइनल कर दिया गया है। प्रतिदिन जिन चार पात्रों पर रोचक प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। उसी के अनुरूप आकर्षक झांकी भी तैयार की जाएगी। जो कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र होगी। आठ दिवसीय आयोजन के दौरान डॉ कमल वर्मा-कैकई,  चारुशीला देव-लक्ष्मण, संध्या खंगन-राम, मेघा कोतवालीवाले-शबरी, सौ अर्चना भाकरे- जामवंत, अपर्णा मोघे-भरत, हेमंत मार्डीकर-शत्रुघन, वैशाली जोशी-उर्मिला, प्रसन्न निमोणकर-जटायु, मंजूषा वैशम्पायन-राजा दशरथ, डॉ मंजरी बक्षी-बजरंगबली, आकांशा गद्रे- श्रीराम, शुभांगी रुद्रजवार-सीता, शताब्दी पाण्डे-सुमित्रा, आरती ठोमरे-कौशल्या, रवि गहलोत-निषादराज, श्याम सुंदर खंगन- सुर्पनखा, गीता दलाल-राजा जनक, अर्चना मुकादम-मंथरा, कुमुद लाड़ -श्रुति कीर्ति, संगीता निमोणकर-सुलोचना, शुभांगी पंचघेरे- रावण, अरविंद जोशी-मेघनाथ, धनश्री पेंडसे –मंदोदरी, अपर्णा दभड़गाव-कुम्भकर्ण, रविन्द्र ठेंगड़ी-विभीषण, अर्चना धर्माधिकारी-अहिल्या, अभिषेक बक्षी-दशरथ, विभीषण माडर्न कॉन्टेक्ट, सुमिता रायजादा-गुरू विशिष्ठ, महर्षि विश्वमित्र, विभा पांडे-लव-कुश, डॉ वर्षा वरवंडकर-वर्तमान में रामायण की प्रासंगिकता और परितोष डोनगांवकर नल व नील पर रोचक प्रसंग प्रस्तुत करेंगे।