दिव्य महाराष्ट्र मंडल

हल्दी कुंकू में दिखी जन जागरूकता... शिवाजी की जीवन गाथा पर लगे जय भवानी के जयकारे

- रंगोली स्पर्धा में वैशाली प्रथम और अक्षता रही द्वितीय

- फैंसी ड्रेस में जीजा बाई सुदेशना प्रथम और शेफाली द्वितीय

- वाण भेंटकर सभी सदस्यों को दी हल्दी-कुंकू की बधाई

रायपुर। समाज सेवा में जुटे महाराष्ट्र मंडल के हर एक कार्यक्रम में समाज सेवा और जन जागरूकता की झलक दिखाई दे ही जाती है। शुक्रवार, 23 जनवरी को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हुए महिला केद्रों के हल्दी-कुंकू में जन जागरूकता की झलक नजर आई। बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने अपने नाट्य अभियन में जहां शहर की सड़कों पर नजर आने वाले मवेशियों को लेकर चिंता जताई वहीं वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने क्षत्रपति शिवाजी महाराज की जीवन गाथा को मंचित कर सभी दर्शकदीर्घा को जय भवानी-जय शिवाजी के जयकारे लगाने पर विवश कर दिया। जयघोष के साथ कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।

महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मंडल की वरिष्ठ सदस्य शिल्पी मटरेजा और विशेष अतिथि के रुप में ज्योति कान्हें उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के पूजन के साथ की गई। सरस्वती वंदना बूढ़ापारा केंद्र और स्वागत गीत तात्यापारा केंद्र द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजन में फैंसी ड्रेस और रंगोली बनाओं स्पर्धा का आयोजन किया गया था। फैंसी ड्रेस स्पर्धा में जज की जिम्मेदारी आंध्र समाज के महिला पदाधिकारी बी. शैलजा और संध्या राज ने निभाई। वहीं रंगोली स्पर्धा में जज की जिम्मेदारी शेखर क्षीरसागर और प्रभा बिन्नानी को सौंपी गई थी। इस अवसर पर तीज महोत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले अवंती विहार, शंकर नगर, सड्डू-मोवा और देवेंद्र नगर महिला केंद्र का सम्मान किया गया। इसके साथ  पार्थ शेष का भी सम्मान किया गया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम वैशाली निमजे, द्वितीय अक्षता पंडित, और तृतीय स्थान पर मंजूषा चिलामवार रही। इसी तरह फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में जीजाबाई बनीं सुदेशना मेने प्रथम,  शेफाली फडणवीस द्वितीय और अनुपमा बोधनकर तृतीय रही। विशाखा तोपखानेवाले ने आगे बताया कि वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने झुलवा पाळणा पाळणा बाळ शिवाजीचा....गाली तील लावून बाळा काजळ घाला डोळामराठी गीत प्रस्तुत किया। जिसमें क्षत्रपति शिवाजी महाराज की जीवन गाथा को मंचित किया गया। इस आयोजन के बाद पूरा सभागृह जय भवानी जय शिवाजी के जयकारो से गूंज उठा। वहीं बूढ़ापार केंद्र की महिलाओं ने राजधानी की सड़कों पर नजर आने वाले मवेशियों पर केंद्रित जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया।

फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के प्रतिभागी

डा. शेफाली फडणवीश शंकर नगर, अल्का बापट न्यू राजेंद्र नगर, श्रद्धा मरघड़े डंगनिया, सुदेशना मेने अवंती विहार, भारती देवरणकर देवेंद्र नगर, जयश्री ढेकणे सरोना, प्रियंका टेम्पे सुंदर नगर, उर्वशी उरगांवकर सड्डू-मोवा,  चित्रा बल्की रोहिणीपुरम, अनुपमा बोधनकर चौबे कालोनी और कोटा केंद्र से वैशाली पुरोहित शामिल रही।

रंगोली प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी

रंगोली प्रतियोगिता में सोनाली कुलकर्णी, जयश्री गायकवाड़, डा शोभा सोनाये, प्रिया कडु, प्राजक्ता पुसदकर, मंजुषा चिलामवार, वैशाली निमजे, आरती पोतदार, ज्योति बनकर, अक्षता पंडित, लीना केलकर, शोभा जोशी, लीना लांजेवार, श्वेता खरे, माधुरी इंगोले, दीपिका पंडित,  रंजना राजीमवाले,  लक्ष्मी जिल्हारे, सुरेखा पाटिल, अंजली काले, सुरेखा बक्षी और मनीषा बिस्सा शामिल हुई।