राजगुरु का बलिदान आज भी प्रेरणास्पद: काले
2026-08-24 09:49 PM
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0- महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई शहीद राजगुरु जयंती
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में सोमवार देर शाम महान क्रांतिकारी शहीद शिवराम हरि राजगुरु की जयंती परंपरागत सादगी से मनाई गई। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले व सचिव चेतन दंडवते सहित उपस्थित सदस्यों ने उनके चित्र पर सूत की माला पहनाकर और तिलक वंदन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर देश की आजादी के लिए उनके बलिदान को याद किया गया।
मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि शहीद राजगुरु का 24 अगस्त 1908 को पुणे जिले के खेड़ में हुआ था। महज 23 वर्ष की आयु में 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव के साथ राजगुरु को फांसी दे दी गई। इतनी कम उम्र में देश के लिए इतना बड़ा बलिदान लोगों के लिए आज भी प्रेरणादायी है। आज हम आजाद भारत में हैं, ऐसे में हमें समाज को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान देना होगा। समाज प्रगति करेगा, तो राष्ट्र प्रगति करेगा तभी तो इन महापुरुषों का बलिदान सार्थक होगा।
सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर देने वाले महान क्रांतिकारी, अमर शहीद शिवराम हरि राजगुरु ने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय और दमन के विरुद्ध अदम्य साहस, निर्भीकता और राष्ट्रभक्ति के साथ संघर्ष किया। भगत सिंह और सुखदेव जैसे महान क्रांतिकारियों के साथ उनका संघर्ष भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास का वह गौरवशाली अध्याय है, जिसने देश के युवाओं में स्वतंत्रता की चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के सह सचिव अजय पोतदार, कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण क्षीरसागर, अधिवक्ता प्रशांत देशपांडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, संस्कृति समिति के प्रेम उपवंशी उपस्थित रहे।