‘सुखहर्ता-दुखहर्ता..’ से ‘अलबेला सजन आयो…’ ने बटोरी तालियां
- सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतिम दिन बच्चों ने डांस ने मोहा मन
- नृत्य और शिल्प कला समिति ने किया आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में अंतिम दिन गुरुवार 24 सितंबर को मंडल की नृत्य और शिल्प कला समिति की ओर से बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। मंडल के सभासदों के बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। जिसमें गणपति बप्पा की स्तुति के साथ फिल्मी गानों पर ठुमके भी लगे। बच्चों की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोली।

नृत्य और शिल्प कला समिति समन्वयक रचन ठेंगड़ी ने बताया कि कार्यक्रम में कुल 18 बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंग साधक शशि वरवंडकर और मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला की शुरूआत अक्षदा बहिरट के ‘सुखहर्ता-दुखहर्ता’ गीत पर नृत्य के साथ हुई। वहीं अद्विता बल्की ने ‘श्री कृष्ण गोविंद..हरे मुरारी...’ की प्रस्तुति दी। वहीं आश्रणी बोबड़े ने गणपति बप्पा की आरती पर नृत्य किया। आराध्या शिवणकर ने गणपति बप्पा मोरिया में नृत्य किया।

रचना ठेंगड़ी ने आगे बताया कि इसी तरह सक्षम जोशी ने लाडू गोड-गोड की प्रस्तुति दी। समक्ष के हाथों और मुंह के एक्सप्रेशन को देखकर सभी बड़े खुश हुए। कार्यक्रम में अवनी राउत, उर्वी रणदिये, आरोही शिवणकर ने गोंळल, अनुश्री बनोदे ने जब जिद पर आ गई पार्वती, आंचिन्य जोशी ने कथक, अभिश्री जोशी, आरोही अल्करी ने अलबेला सजन आयो रे, सरविल ठोके ने केसियो, अरनव कुसरे ने मेरा वाला डांस, नित्या प्रिया, समीरा परचुरे और तेजस्वी वर्मा ने शानदार प्रस्तुति दी।
