देश-विदेश

जनजातीय अंचलों में आत्मनिर्भरता और सुविधा की नई इबारत

मध्यप्रदेश के जनजातीय बहुल अंचलों में एक समय ऐसा था जब गरीब और दूरस्थ गांवों के लोगों को राशन प्राप्त करने के लिए मीलों दूर शासकीय उचित मूल्य दुकान तक पैदल चलना पड़ता था। यह न केवल समय और श्रम की बर्बादी थीबल्कि कई  बार बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूरी करने वाले लोग राशन लेने से वंचित रह जाते थे।

इस जमीनी सच्चाई को बदलने की पहल बनी राज्य शासन की "मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना" ने उन गांवों को राहत दी, जहाँ उचित मूल्य दुकानें नहीं थीं और परिवारों को दूसरे गांवों में जाकर खाद्यान्न लेना पड़ता था।

  

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