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पटना में 'पिंक मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी ' और मोबाइल पिंक टॉयलेट्स का निर्माण

नईदिल्ली। भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-Urban) के तहतशहरी भारत को स्वच्छसुंदर और सतत विकासशील बनाने की दिशा में कई नवाचार हो रहे हैं। इसी क्रम मेंबिहार की राजधानी पटना में पटना नगर निगम (PMC) द्वारा एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की गई है जो है 'पिंक मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF)' और मोबाइल पिंक टॉयलेट्स का निर्माण। इन पहलों का उद्देश्य केवल कचरा प्रबंधन ही नहींबल्कि महिला सशक्तिकरणपर्यावरण संरक्षणऔर सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना भी है। पटना ने पुरानी परंपराओं को तोड़ते हुए स्वच्छता और समावेशिता की नई मिसाल कायम की है।

पटना शहर में स्थापित 'पिंक MRF' (Material Recovery Facility) अपने आप में एक अनूठा मॉडल हैजिसे Mitigation Action Facility के सहयोग से Circular Waste Solutions Project के अंतर्गत तैयार किया गया है। इस फैसिलिटी का संचालन पूरी तरह से महिलाओं द्वारा किया जा रहा हैजिसमें एक महिला सुपरवाइज़र के नेतृत्व में कुल कर्मचारी कार्यरत हैं (महिलाएं, 1 पुरुष)। इस MRF की प्रसंस्करण क्षमता टन प्रतिदिन है।

पटना नगर निगम ने हाल ही में मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) में आम जनता के लिए 'कैश फॉर वेस्टयोजना शुरू की "Waste to Wealth" की थीम पर काम करते हुए, इस योजना के अंतर्गत आम लोगों को उनके सूखे कचरे के लिए निर्धारित मूल्य सूची के अनुसार भुगतान किया जा रहा है। यह अत्याधुनिक फैसिलिटी प्रतिदिन 2 टन सूखे कचरे और 1.5 टन गीले कचरे को संसाधित करने की क्षमता रखती है।

इस परियोजना में भागीदार पटना नगर निगम (PMC) को प्रोजेक्ट टीम द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट क्षेत्र में महिलाओं को काम करने का अवसर देने के लिए और पिंक MRF स्थापित करने हेतु संपर्क किया गया, PMC ने इस विचार को पूर्ण समर्थन दिया और मात्र महीनों में यह सुविधा स्थापित हो गई। इस पहल को स्थानीय स्तर पर काफी मान्यता मिल रही है। इस सुविधा के रंग और डिज़ाइन ने स्थानीय लोगों और नागरिकों का ध्यान आकर्षित कियाजिससे बड़े पैमाने पर जागरूकता फैली। इसके अलावायूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों (जो इस परियोजना को प्रायोजित कर रहे थे) ने पिंक MRF का दौरा कर इस पहल की सराहना की तथा इसे देश भर में दोहराने और विस्तार देने के लिए प्रोत्साहन भी दिया।

पटना नगर निगम ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पुराने और अनुपयोगी हो चुके वाहनों को '3R मॉडल' (Reduce, Reuse, Recycle) के तहत नया जीवन दिया है। एक पुरानी स्क्रैप बस को नवीनीकरण कर 'मोबाइल पिंक टॉयलेट' में बदल दियाजो न केवल स्वच्छता सुविधा प्रदान करता हैबल्कि संसाधनों के पुनः उपयोग और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में उदाहरण बन चुका है।

पिंक MRF और मोबाइल पिंक टॉयलेट्ससिर्फ कचरा प्रबंधन के समाधान नहीं हैंबल्कि यह पहल सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय जागरूकता और आर्थिक अवसर की मिसाल बन चुकी है। यह कदम स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की भावना को और मजबूत करता हैजहां स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाला एक आंदोलन बन चुका है। पटना की यह "पिंक क्रांति"राज्यों के लिए प्रेरणा है।

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