दिव्य महाराष्ट्र मंडल

'सेलिब्रेशन’ के लिए महाराष्‍ट्र मंडल के कलाकारों की तैयारी शुरू

0  अध्‍यक्ष काले का आग्रह- समसामयिक विषय पर आधा‍रित नाटक मराठी के साथ हिंदी में भी मंचित करें, ताकि इसका संदेश पहुंचे अधिकाधिक लोगों तक

रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल में वरिष्‍ठ रंगसाधकों ने एक बार फिर सम सामयिक ज्‍वंलत विषय पर आधारित नाटक ‘सेलिबेशन’ को मंचित करने की तैयारी शुरू कर दी है। सन् 2003 को प्रशांत दलवी द्वारा मराठी में लिखे गए इस नाटक का वाचन रंगसाधक- निर्देशक प्रसन्‍न विजय निमोणकर ने प्रिया प्रशांत बक्षी के साथ किया, तो कक्ष में बैठे तमाम कलाकार स्‍तब्‍ध रहे गए। कुछ की तो आंखें नम थीं। कोई भी कलाकार कुछ कहने की स्थिति में नहीं था।

दो अंकों वाले इस नाटक के निर्देशक प्रसन्‍न निमोणकर और मार्गदर्शक अनिल श्रीराम कालेले होंगे। नाटक में कुछ और कसावट लाने के बाद इसकी स्क्रिप्‍ट को लॉक किया जा रहा है। उसके बाद नाटक के प्रत्‍येक पात्रों पर कलाकारों के नामों की अंतिम मुहर लगाकर इसकी रिहर्सल शुरू की जाएगी। ‘सेलिबेशन’ की स्क्रिप्‍ट सुनने के लिए मंडल अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, रंजन मोडक, पवन ओगले, प्रिया बक्षी, कुंतल कालेले, कीर्ति हिशीकर, अभिषेक बक्षी, जयेश कालेले, रविंद्र ठेंगड़ी, नवीन देशमुख, समीर टुल्‍लु सहित अनेक रंगसाधक उपस्थित रहे।

स्क्रिप्‍ट वाचन के बाद अध्‍यक्ष अजय काले ने नए नाटक को लेकर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने आग्रह किया कि चूंकि यह नाटक मराठी में लिखा गया है, इसलिए केवल मराठी तक ही इसे सि‍मित न रखें। बेहद ज्‍वलंत, गंभीर विषय पर लिखे गए इस नाटक का मैसेज सही मायनों में हिंदी में मंचन करने के बाद ही अधिकाधिक लोगों का पहुंचेगा। इसके साथ ही महाराष्‍ट्र मंडल के कलाकारों को रायपुर के अलावा दूसरे शहरों में इस नाटक को मंचित करने का अवसर मिलेगा। काले ने स्‍पष्ट किया कि इस नाटक का मंचन किसी तीज- त्‍योहार या पूर्व निर्धारित उत्‍सव पर नहीं, बल्कि किसी विशेष अवकाश के दिन किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्‍या रंगप्रेमी दर्शक इसे देखने के लिए जुट सके।

नाटक के रिहर्सल को लेकर सचिव चेतन दंडवते ने भी कई अहम् सुझाव दिए। मार्गदर्शक कालेले व निर्देशक निमोणकर को अध्‍यक्ष का सुझाव पसंद आया। इस पर अं‍तिम निर्णय लेने के बाद जल्‍द ही ‘सेलिब्रेशन’ की रिसर्हल शुरू की जाएगी। दोनों ने ही यह स्‍पष्‍ट किया कि नाटक में कई पुराने रंगसाधकों के साथ नए कलाकारों को भी अभिनय करने का मौका मिलेगा।