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मवेशियों को ट्रैक पर आने से रोकने लाइन के दोनों ओर बाड लगाएगा रेलवे

नईदिल्ली। रेलवे ट्रैक में आकर मवेशियों की मौत आम बात है। ऐसे पूरे देश में आए दिन होता रहा है। मवेशियों को रेलवे ट्रैक पर आने से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए रेलवे तेज गति वाली सभी रेल लाइनों के किनारे बाड़ लगएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में केसी वेणुगोपाल के अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

वैष्णव ने बताया कि रेलवे ने मौजूदा प्रावधानों के तहत उन रेल पटरियों  के दोनों ओर बाड़ लगाने का फैसला किया है, जिन पर ट्रेनों की न्यूनतम रफ्तार 110 किलोमीटर प्रतिघंटा है और यह रफ्तार 130 किलोमीटर प्रतिघंटा तक जा सकती है। इसी तरह 130 किलोमीटर प्रतिघंटा व अधिक रफ्तार वाले रेलवे ट्रैक को भी बाड़ लगाकर सुरक्षित किया जाएगा।

रेलवे ट्रैक की सेंटर लाइन से बाड़ लगाने  की दूरी उस स्थान की स्थिति, सर्विस रोड की जरूरत, माल की लोडिंग-अपलोडिंग की जगह, मल्टीट्रैकिंग कार्यों व बाड़ लगाने की समग्र क्षमता को ध्यान में रखकर तय की जाती है।

वैष्णव ने बताया कि पिछले दो साल में 53 हजार से ज्यादा मवेशी ट्रेनों की चपेट में आकर मारे गए हैं। ट्रेनों से मवेशियों की मौत की साल 2021 में 26,181 व 2022 में 27,489 घटनाएं रिकार्ड की गई हैं। चूंकि सभी इलेक्ट्रिक और डीजल इंजनों को मवेशियों के टकराव से बचाने के मवेशी रक्षक प्रदान किए जाते हैं, इसलिए दुर्घटनाओं से वित्तीय नुकसान की राशि नाममात्र ही है।
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