काशी के मंदिर-घाटों पर फसाड लाइट, 10 करोड़ की योजना से बदलेगा शहर का चेहरा, पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव
2025-12-15 02:25 PM
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वाराणसी| काशी की पहचान सिर्फ आस्था और अध्यात्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन आकर्षण के लिए भी विश्वभर में जाना जाता है। अब इस विरासत को और निखारने की तैयारी है। शासन ने पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए 10 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख मंदिरों और गंगा घाटों पर फसाड लाइट लगाने की योजना को मंजूरी दी है।
रोशनी से बदलेगा शहर का चेहरा
पर्यटन विभाग ने लंबे समय से यह महसूस किया था कि दिन में जितना आकर्षण मंदिरों और घाटों पर दिखता है, रात होते ही अंधेरा उस सौंदर्य को ढक लेता है। कई पर्यटक शिकायत कर चुके थे कि रात में घाटों पर भ्रमण करना कठिन हो जाता है। अब फसाड लाइटिंग से यह समस्या दूर होगी। मंदिरों और घाटों की पहचान रोशनी से और स्पष्ट होगी, जिससे पर्यटक रात में भी सुरक्षित और सहज महसूस करेंगे।
सुरक्षा और सौंदर्य दोनों पर जोर
अंधेरे में छिनैती, छेड़छाड़ या दुर्घटना जैसी घटनाओं की आशंका रहती है। नई लाइटिंग व्यवस्था न केवल सौंदर्य बढ़ाएगी बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी। शासन ने निर्देश दिया है कि एक ही डिजाइन की आधुनिक लाइटें लगाई जाएं ताकि शहर का दृश्य एकरूप और आकर्षक दिखे।
किन स्थलों पर होगी रोशनी की सजावट
मंदिर: दुर्गा मंदिर, काल भैरव, संकट मोचन, अन्नपूर्णा और भारत माता मंदिर
घाट: अस्सी घाट, पंचगंगा घाट, दशाश्वमेध घाट समेत अन्य प्रमुख घाट
पर्यटन विकास की नई दिशा
पर्यटन विभाग ने निजी एजेंसी से सर्वे कराकर यह प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजना में भेजा था। शासन ने इसे न केवल मंजूरी दी बल्कि और स्थलों को शामिल करने का सुझाव भी दिया है। इससे काशी आने वाले लाखों पर्यटकों को दिन-रात एक नया अनुभव मिलेगा।