DIRTY WATER;इंदौर में दूषित पानी से 8 लोगों की गई जान,1000 से ज्यादा पीडित, आज शाम सीएम मोहन यादव आएंगे
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी ने जानलेवा रूप ले लिया है। भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार होकर अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ तीन मौतों की ही पुष्टि की जा रही है।
देशभर में स्वच्छता के लिए मिसाल माने जाने वाले इंदौर में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. नर्मदा से आने वाला शुद्ध पानी ही लोगों की बीमारी और मौत की वजह बन गया. शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1000 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द से जूझ रहे हैं. नगर निगम ने प्रभावित इलाके की जल सप्लाई बंद कर दी है, पाइपलाइन की मरम्मत की जा रही है और टैंकरों से साफ पानी सप्लाई किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मरीजों की जांच कर रही हैं.
इंदौर कलेक्टर शिवम शर्मा ने बताया कि 27 अस्पतालों में फिलहाल 149 लोग एडमिट हैं. उपचार जारी हैं. मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया कहीं कोई दिक्कत आए तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें.
हालात इतने बिगड़े कि एक के बाद एक मरीज अस्पताल पहुंचने लगे। वर्मा नर्सिंग होम और त्रिवेणी हॉस्पिटल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक सौ से अधिक लोगों का इलाज किया जा चुका है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने साफ कहा है कि इस मामले में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं।
नगर निगम ने हालात बिगड़ते देख तुरंत जांच शुरू की. शुरुआती जांच में जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया. भागीरथपुरा पुलिस चौकी के टॉयलेट के ठीक नीचे नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज मिला. इस लीकेज के कारण गंदा पानी सीधे नर्मदा की सप्लाई लाइन में मिल रहा था, जिससे पूरे वार्ड में दूषित पानी पहुंच गया. यानी जिस पानी को लोग “अमृत” समझकर पी रहे थे, वही उनके लिए ज़हर बन गया.