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वाराणसी में कफ सिरप तस्करी पर पुलिस का बड़ा वार, 28 करोड़ की सम्पत्ति कुर्क

वाराणसी| कफ सिरप तस्करी से अर्जित अवैध सम्पत्तियों पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस का शिकंजा कस गया है। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत करीब 28 करोड़ रुपये मूल्य की सम्पत्तियों को कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर की गई, जिसमें डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल के नेतृत्व और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह व प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह की भूमिका अहम रही।
 
अभियुक्त भोला प्रसाद की सम्पत्तियों पर कार्रवाई
अभियुक्त भोला प्रसाद पुत्र राम दयाल प्रसाद, निवासी कायस्थ टोला प्रहलादघाट थाना आदमपुर, वाराणसी पर आरोप है कि उसने रांची, झारखंड में शैली ट्रेडर्स नामक फर्म संचालित करते हुए भारी मात्रा में न्यू फेन्साडिल कफ सिरप की तस्करी की। फर्जी ई-वे बिल तैयार कर वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में नशे के रूप में इसका अवैध विक्रय किया गया। इस आपराधिक षड्यंत्र से अर्जित धन से भोला प्रसाद ने कई अचल सम्पत्तियां खरीदीं, जिन्हें चिन्हित कर न्यायालय के आदेश पर कुर्क किया गया।

कुर्क की गई सम्पत्तियों का विवरण
न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी-14 वाराणसी में वाद संख्‍या 778/2025 के तहत धारा 107 बीएनएसएस में अधिग्रहण/कुर्की की कार्रवाई की गई। कुर्क की गई सम्पत्तियों में शामिल हैं:

तुलसीपुर वार्ड भेलूपुर स्थित व्यवसायिक भवन, बाजारी मूल्य 23 करोड़ रुपये।
लल्लापुरा खुर्द वाराणसी स्थित सम्पत्ति, मूल्य 1.05 करोड़ रुपये।
जगतगंज चेतगंज वाराणसी स्थित सम्पत्ति, मूल्य 1.98 करोड़ रुपये।
ग्राम भरलाई, शिवपुर वाराणसी की आवासीय भूमि, मूल्य 71 लाख रुपये।
मौजा मढ़ौली सदर वाराणसी की भूमि, मूल्य 1.15 करोड़ रुपये।
कुल मिलाकर कुर्क की गई सम्पत्तियों का मूल्य लगभग 28 करोड़ रुपये आंका गया है।

पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने भाग लिया। टीम में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह, कार्यपालक मजिस्ट्रेट संत विजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह, एसआईटी टीम के उपनिरीक्षक लवलेश पटेल व धीरज, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, विजय कुमार यादव, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र यादव, कांस्टेबल शिवाजी चन्द, शुभम सिंह और गोविन्द सिंह शामिल रहे।

वाराणसी पुलिस की यह कार्रवाई नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त संदेश है। जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अवैध सम्पत्तियों पर शिकंजा कसना यह दर्शाता है कि अपराध से अर्जित धन अब सुरक्षित नहीं रहेगा। कफ सिरप तस्करी जैसे मामलों में पुलिस की यह कार्यवाही न केवल कानून का पालन कराती है बल्कि समाज को भी यह भरोसा दिलाती है कि अपराधियों की जड़ें आर्थिक रूप से काटी जाएंगी। 
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