जनवरी 2026 के लिए 'सचिवालय सुधार' मासिक रिपोर्ट का 27वां संस्करण जारी
नईदिल्ली। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने जनवरी 2026 के लिए अपनी मासिक 'सचिवालय सुधार' रिपोर्ट का 27वां संस्करण जारी किया है। यह रिपोर्ट शासन एवं प्रशासन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से जारी पहलों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जिनमें (i) स्वच्छता और लंबित मामलों को न्यूनतम स्तर तक कम करना (ii) निर्णय लेने में दक्षता बढ़ाना, (iii) ई-कार्यालय कार्यान्वयन और विश्लेषण शामिल हैं।
1. स्वच्छता और लंबित मामलों में कमी:
देशभर में 5,188 स्थलों पर स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए गए। लगभग 4.34 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थल खाली किया गया है, जिसमें कोयला मंत्रालय (1,88,687 वर्ग फुट), भारी उद्योग मंत्रालय (62,129 वर्ग फुट) आदि का सबसे अधिक योगदान रहा है। स्क्रैप निपटान से 115.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें रेल मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और कोयला मंत्रालय जैसे मंत्रालयों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन के अंतर्गत 1,82,000 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 81,322 फाइलों को अनावश्यक घोषित कर दिया गया। 5,57,852 जन शिकायतों का निपटारा (कुल शिकायतों का 90.41 प्रतिशत निपटाया गया), साथ ही 1,032 सांसद संबंधी मामले और 375 राज्य सरकार संबंधी मामले निपटाए गए।
2. सर्वोत्तम पद्धतियां: अपशिष्ट से धन:
मंत्रालयों और विभागों ने अपने उपयोग रहित सामान को उपयोगी फर्नीचर और कलाकृतियों में परिवर्तित किया। उदाहरणों में शामिल हैं: राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र, बैंगलोर में अपशिष्ट पैकिंग सामग्री को बेंचों में परिवर्तित करना; परमाणु ऊर्जा विभाग रेल मंत्रालय द्वारा विभिन्न स्थानों पर अभिनव "कचरे से कला" कृतियां;
3. निर्णय लेने और ई-ऑफिस कार्यान्वयन एवं विश्लेषण में दक्षता बढ़ाना:
डीलेयरिंग पहलों को अपनाने से सक्रिय फाइलों के लिए औसत विशिष्ट लेनदेन स्तर में उल्लेखनीय कमी आई है, जो वर्ष 2021 में 7.19 से घटकर जनवरी 2026 तक 4.31 हो गया है। जनवरी 2026 में बनाई गई कुल फाइलों में से 93.81 प्रतिशत ई-फाइलें हैं। प्राप्त रसीदों में से 95.29 प्रतिशत ई-रसीदें थीं, और 65 मंत्रालयों/विभागों ने उल्लेखनीय स्तर पर कम से कम 90 प्रतिशत ई-फाइलों को अपनाया। 26 जनवरी के लिए 15 मंत्रालयों/विभागों की ई-रसीदों में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी 2026 के महीने में अंतर-मंत्रालयी फाइल आवागमन की संख्या 4,752 रही है, यह सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को इंगित करती है। ये पहलें भारत सरकार की डिजिटल रूप से सक्षम, पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं, जो प्रशासनिक उत्कृष्टता और उत्तरदायी सार्वजनिक प्रशासन के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।