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लघु कृषकों को उन्नत खेती के लिए किराये पर उपलब्ध कराये जाएंगे कृषि यंत्र

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में विभिन्न विभाग मिलकर कृषि विकास और कृषक कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करेंगे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी उपायों पर क्रियान्वयन तेज किया जाएगा। कृषक कल्याण वर्ष का लाभ किसानों के परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश, देश का इकलौता राज्य है, जो 5 रुपए में किसानों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवा रहा है। ये किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में कृषक कल्याण वर्ष में सक्रिय सहभागिता जुटाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने होम स्टे की योजना शुरू की है। होम स्टे संचालकों के लिए 20 लाख रुपये तक की आय जीएसटी से मुक्त रखी गई है। लघु-कुटीर उद्योग के क्षेत्र में शहद उत्पादन से किसान लाभ कमा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यशाला में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल हुए हैं। राज्य की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इन 16 विभागों के अंतर्गत आ जाता है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा ने प्रदेश में विभिन्न परियोजनाओं से निरंतर बढ़ रहे सिंचाई प्रतिशत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले कुछ समय में एक लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। डॉ. राजौरा ने अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी और बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से इन परियोजनाओं की स्वीकृति का मार्ग प्रशस्त हुआ। मध्यप्रदेश का बड़ा क्षेत्र इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से लाभान्वित होगा।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश पिछले 10 साल से कृषि क्षेत्र में 2 अंकों में वृद्धि कर रहा है। इस गति को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार कई विभागों को जोड़कर कृषक कल्याण वर्ष मना रहे हैं। कार्यशाला में जैविक खेती, उद्यानिकी में नर्सरी, कोदो-रागी जैसे मोटे अनाजों से आइसक्रीम निर्माण, केज कल्चर सहित अनेक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। मत्स्य पालन, संस्कृति, पर्यटन, खाद्य एवं नवकरणीय ऊर्जा सहित कई विभागों ने अपनी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की है।

अपर मुख्य सचिव कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग श्री के.सी. गुप्ता ने मध्यप्रदेश में छोटे और कुटीर उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न शिल्पों के विशेषज्ञ कलाकारों और अन्य शिल्पियों की सहायता के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। शिल्पियों को उत्पादों की बिक्री के लिए भी आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जा रही है।

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