₹1000 करोड़ की चीनी मिलें जब्त: भगोड़े मोहम्मद इक़बाल पर ED का सबसे बड़ा वार
2026-04-02 09:35 AM
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लखनऊ| आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ ज़ोनल कार्यालय ने 31 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक कदम उठाया। आरोपी मोहम्मद इक़बाल को आधिकारिक तौर पर ‘भगोड़ा और आर्थिक अपराधी’ घोषित किया गया है। यह आदेश आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत जारी हुआ, जिससे इक़बाल की संपत्तियों पर सीधा असर पड़ा।
अदालत का आदेश और ज़ब्ती
माननीय अदालत, जिसकी अध्यक्षता न्यायाधीश राहुल प्रकाश कर रहे हैं, ने इस आदेश के अनुपालन में इक़बाल से जुड़ी तीन प्रमुख चीनी मिलों को ज़ब्त करने का निर्देश दिया। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब ₹1000 करोड़ है। यह जब्ती ED की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिनी जा रही है।
कानून से बचने वालों पर शिकंजा
ED अधिकारियों के अनुसार, मोहम्मद इक़बाल लंबे समय से जांच एजेंसियों के समन और कानूनी प्रक्रिया से बचता रहा था। ऐसे मामलों में FEOA के तहत आरोपी को भगोड़ा घोषित कर उसकी संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान है। इस कार्रवाई का उद्देश्य आर्थिक अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
तीन चीनी मिलें ज़ब्त
जिन तीन चीनी मिलों को ज़ब्त किया गया है, वे इक़बाल के कारोबारी नेटवर्क का अहम हिस्सा रही हैं। जांच में सामने आया कि इन संपत्तियों का उपयोग कथित तौर पर अवैध वित्तीय लेनदेन और धन के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ था।
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ED ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति कानून से बचने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निवेशकों का भरोसा और संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल आर्थिक अपराधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि आम निवेशकों और वित्तीय व्यवस्था में भी भरोसा मजबूत होगा। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब बड़े आर्थिक अपराधियों के लिए देश से भागकर कानून से बच पाना आसान नहीं होगा।