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नकली पनीर फैक्ट्री का खुलासा, 2 साल में 3 लाख किलो किया सप्लाई

गुजरात। सूरत में एक बड़ी नकली पनीर फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। महेश शर्मा नामक आरोपी इस फैक्ट्री का संचालन कर रहा था, जिसमें दूध का एक भी बूंद इस्तेमाल किए बिना पनीर तैयार किया जा रहा था। फैक्ट्री में पामोलिन तेल, मिल्क सॉलिड पाउडर, पानी और एसिड मिलाकर नकली पनीर बनाया जाता था। पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यह नकली पनीर मुख्य रूप से रेहड़ी–पटरी पर फास्टफूड बेचने वालों को सप्लाई किया जाता था। आरोपी ने FSSAI लाइसेंस किसी अन्य जगह का दिखाकर फैक्ट्री चलाई, जबकि असली उत्पादन किसी और लोकेशन पर हो रहा था। अनुमान है कि पिछले 2 साल में करीब 3 लाख किलो नकली पनीर इस फैक्ट्री से सप्लाई की जा चुकी है। 

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि देश भर में नकली पनीर का यह कारोबार इसी फैक्ट्री के जरिए चल रहा था। यह पनीर बच्चों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा था। अधिकारी कार्रवाई में जुटे हुए हैं और फैक्ट्री से संबंधित सभी कच्चा माल और उत्पाद जब्त कर लिए गए हैं। इस मामले में एफएसएसएआई और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि इस फैक्ट्री के संचालक महेश शर्मा के खिलाफ फर्जीवाड़ा और खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फैक्ट्री के नकली पनीर की सप्लाई किन-किन शहरों और रेहड़ी पटरी पर हो रही थी।

स्थानीय प्रशासन ने फास्टफूड विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वे केवल प्रमाणित और लाइसेंस प्राप्त उत्पादों का ही उपयोग करें। इस तरह की नकली खाद्य सामग्री स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और इसके सेवन से पेट, लिवर और अन्य अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले पामोलिन तेल और एसिड जैसे पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इसके अलावा, नकली पनीर में मिल्क सॉलिड पाउडर और पानी का अनुपात भी असुरक्षित था, जिससे यह स्वास्थ्य मानकों पर खरा नहीं उतरता।

एफएसएसएआई ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सभी राज्यों में खाद्य सामग्री की सप्लाई और उत्पादन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। साथ ही, रेहड़ी-पटरी पर बिकने वाले फास्टफूड में इस्तेमाल होने वाले पनीर और डेयरी उत्पादों की नियमित जांच की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद शहर में फूड मार्केट में हलचल मची हुई है। नागरिकों और दुकानदारों ने भी स्वास्थ्य के लिए जागरूकता बढ़ाने की मांग की है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे बिना जांच और प्रमाणित लाइसेंस वाले खाद्य उत्पादों का सेवन न करें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत प्रशासन या FSSAI को दें। सूरत पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अब तक फैक्ट्री संचालक महेश शर्मा को हिरासत में लिया जा चुका है। साथ ही फैक्ट्री से संबंधित सभी रिकॉर्ड, उपकरण और नकली पनीर जब्त कर लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में पूरी सप्लाई चेन की जानकारी जुटाई जाएगी।
 

 

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